सीएम बनते ही सम्राट चौधरी का सख्त संदेश: ‘काम की रफ्तार दोगुनी करें, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’, पहले ही दिन अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने पहले ही दिन प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दीं। मुख्य सचिवालय पहुंचते ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के विकास, प्रशासनिक कार्यशैली और जनता से जुड़े मुद्दों पर सख्त निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई शीर्ष अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
‘काम की गति बढ़ाएं, फाइलों में न अटके काम’
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार और तेज करने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल फाइलों को आगे बढ़ाने और पत्राचार तक सीमित रहने की प्रवृत्ति खत्म करनी होगी। कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को तेजी से राहत मिल सके।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, जीरो टॉलरेंस नीति लागू
सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऊपर से नीचे तक पूरी सख्ती के साथ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी विभाग में जनता से जुड़ी शिकायत आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। खासकर भूमि विवादों को प्राथमिकता से सुलझाने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक जटिलता न हो और सरल तरीके से उनका निपटारा किया जाए।
जमीनी स्तर तक सुविधाएं पहुंचाने का निर्देश
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था इस तरह से काम करे कि आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
विकास योजनाओं की समीक्षा और तेज क्रियान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करें, जिसकी जल्द विस्तृत समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सात निश्चय-1, सात निश्चय-2 और 2025 में लागू सात निश्चय-3 के तहत चल रही योजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।
‘विकसित बिहार के लक्ष्य के लिए मिलकर काम करें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात कही और अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।