पश्चिमी विक्षोभ का असर: जम्मू-कश्मीर में बदला मौसम, वहीं मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट जारी
देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। एक ओर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, तो दूसरी ओर मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और उष्ण लहर की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह के मौसम का असर देखने को मिलेगा।
कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। अरुणाचल प्रदेश में 18 से 20 अप्रैल के बीच, जबकि असम और मेघालय में 19 अप्रैल तक तेज बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम और मेघालय में गरज-चमक, तेज हवाओं और तूफानी गतिविधियों का असर देखा गया है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है।
तापमान 44 डिग्री के पार, अकोला रहा सबसे गर्म
देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 38 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हालांकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 38 डिग्री या उससे कम रहा। महाराष्ट्र के अकोला में सबसे अधिक 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन के उच्चतम स्तरों में शामिल है।
पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम सक्रिय
मौसम प्रणाली की बात करें तो वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ 58 डिग्री पूर्व देशांतर और 32 डिग्री उत्तर अक्षांश पर सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास दो ऊपरी वायु परिसंचरण बने हुए हैं। दक्षिण-पूर्व राजस्थान से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा सक्रिय है, जबकि एक अन्य ट्रफ उत्तर-दक्षिण दिशा में विस्तारित है, जो मौसम में बदलाव का कारण बन रही है।
अगले 7 दिनों का मौसम: कहां बढ़ेगी गर्मी, कहां मिलेगी राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में 22 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। वहीं मध्य भारत में 19 अप्रैल तक तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, जबकि 20 और 21 अप्रैल को इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
महाराष्ट्र और गुजरात में 18 अप्रैल तक तापमान स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि 22 अप्रैल के आसपास इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। देश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं जताई गई है।
इन राज्यों के लिए अलर्ट: ऑरेंज और येलो वार्निंग जारी
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में ऑरेंज वार्निंग जारी की है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल में भी तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में येलो वार्निंग जारी की गई है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब हो सकता है।
हीटवेव का खतरा: मध्य भारत और दक्षिण के हिस्से अलर्ट पर
पूर्वी मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में गर्म और आर्द्र मौसम बने रहने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में ओलावृष्टि और आंधी की चेतावनी
17 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी थंडरस्टॉर्म और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।