एमएसपी खरीद में अब फार्मर आईडी अनिवार्य, चकबंदी और सर्वे वाले गांवों के किसानों को मिली राहत

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गौतमबुद्धनगर। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब गेहूं और धान जैसी फसलों की सरकारी खरीद के लिए किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि, चकबंदी और सर्वे प्रक्रिया से गुजर रहे गांवों के किसानों को इस नियम में राहत दी गई है।

फार्मर आईडी के बिना नहीं होगी खरीद

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर किसान पहचान पत्र को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर वही खरीद की जाएगी, जिन किसानों के पास वैध फार्मर आईडी होगी। क्रय केंद्रों पर खरीद से पहले किसानों के पहचान पत्र का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।

एग्रीस्टैक योजना के तहत बन रही आईडी

उन्होंने जानकारी दी कि कृषि और राजस्व विभाग मिलकर केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत प्रदेश भर में किसानों की फार्मर आईडी तैयार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों का सटीक डाटा तैयार करना और योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाना है।

चकबंदी और सर्वे वाले गांवों को विशेष छूट

अधिकारियों ने बताया कि जिन गांवों में चकबंदी या सर्वे की प्रक्रिया चल रही है, वहां कई किसानों की फार्मर आईडी अभी अपडेट नहीं हो सकी है। ऐसे किसानों को राहत देते हुए सरकार ने उन्हें पूर्व व्यवस्था के अनुसार ही अपनी उपज बेचने की अनुमति दी है। यानी इन गांवों के किसान बिना फार्मर आईडी के भी निर्धारित सीमा तक सरकारी खरीद केंद्रों पर फसल बेच सकेंगे।

क्रय केंद्रों पर तैनात किए गए कर्मचारी

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए कर्मचारियों और पर्यवेक्षण अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी समय पर तैयार हो सके और उन्हें खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।

 

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