उत्तर प्रदेश की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जहां समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में एक और कानूनी झटका लगा है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने दोनों की अपील खारिज कर दी है, जिसे उनके लिए बड़ी राहत की उम्मीदों पर पानी फिरने जैसा माना जा रहा है।
सेशन कोर्ट ने अपील खारिज कर बरकरार रखा ट्रायल कोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में निर्णय सुरक्षित था। अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से दाखिल अपील को खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष की अपील पर निर्णय अभी शेष है। एडीजीसी सीमा सिंह राणा के अनुसार, कोर्ट ने दोनों की अपील को अस्वीकार करते हुए निचली अदालत के फैसले पर मुहर लगा दी है।
2019 के मामले से शुरू हुई थी कानूनी कार्रवाई
यह पूरा मामला वर्ष 2019 का है, जब भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए। जांच के दौरान इस मामले में उनके पिता आजम खान की भूमिका भी सामने आई और उन्हें भी सह-आरोपी बनाया गया।
निचली अदालत ने सुनाई थी 7-7 साल की सजा
इससे पहले एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को दोनों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद 25 नवंबर 2025 को दोनों पक्षों की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
नवंबर 2025 से जेल में बंद हैं आजम खान और अब्दुल्ला आजम
आजम खान और अब्दुल्ला आजम नवंबर 2025 से जेल में बंद हैं। इससे पहले आजम खान सितंबर 2025 में जेल से रिहा हुए थे, जिसके बाद उनके राजनीतिक और सार्वजनिक बयान लगातार सुर्खियों में रहे थे। रिहाई के कुछ ही दिनों बाद नवंबर में अदालत के फैसले के बाद उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ा।
अमर सिंह मामले में मिली थी राहत
गौरतलब है कि इससे पहले आजम खान को अमर सिंह मामले में अदालत से राहत मिल चुकी है, जहां उन्हें बरी कर दिया गया था। लेकिन ताजा फैसले के बाद दो पैन कार्ड केस में उनकी कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं।