होमगार्ड परीक्षा के लिए बड़ी राहत: लखनऊ-गोरखपुर के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए पूरा शेड्यूल और रूट
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती के तहत आयोजित ‘होमगार्ड एनरोलमेंट-2025’ परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। भारी भीड़ और परिवहन की चुनौतियों को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष अनारक्षित ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह स्पेशल ट्रेन 25, 26 और 27 अप्रैल को संचालित की जाएगी, जिससे हजारों उम्मीदवारों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
ऐशबाग से गोरखपुर: रात में चलेगी स्पेशल ट्रेन
रेलवे प्रशासन के अनुसार, विशेष गाड़ी संख्या 05050 ऐशबाग से गोरखपुर के लिए रात 20:45 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रास्ते में बादशाहनगर (21:18 बजे), बाराबंकी (22:03 बजे), जरवल रोड (22:48 बजे), करनैलगंज (23:06 बजे) और गोंडा (23:50 बजे) स्टेशनों पर रुकेगी। इसके बाद ट्रेन मनकापुर (00:15 बजे), बस्ती (01:40 बजे) और खलीलाबाद (02:10 बजे) होते हुए तड़के 03:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।
वापसी में सुबह चलेगी गाड़ी, ये रहेगा टाइम टेबल
वापसी के लिए विशेष गाड़ी संख्या 05049 गोरखपुर से ऐशबाग के बीच 26 और 27 अप्रैल को चलाई जाएगी। यह ट्रेन सुबह 04:55 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और खलीलाबाद (05:34 बजे), बस्ती (06:03 बजे), मनकापुर (06:52 बजे), गोंडा (07:20 बजे), करनैलगंज (07:48 बजे), जरवल रोड (08:05 बजे), बाराबंकी (09:00 बजे) और बादशाहनगर (09:36 बजे) होते हुए 10:20 बजे ऐशबाग जंक्शन पहुंचेगी।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास फोकस
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, परीक्षा के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे इन विशेष ट्रेनों का लाभ उठाएं और बिना टिकट यात्रा से बचें, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
सख्त निगरानी में होगी परीक्षा प्रक्रिया
इस बार होमगार्ड भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों को लागू किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की आधार आधारित केवाईसी और बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
जरूरत पड़ने पर और बढ़ सकती हैं सुविधाएं
लखनऊ मंडल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। अगर परीक्षार्थियों की संख्या और बढ़ती है, तो अन्य रूट्स पर अतिरिक्त कोच या और स्पेशल ट्रेनें चलाने पर भी विचार किया जा सकता है।