गौतमबुद्धनगर में फसल बीमा क्षतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित, किसानों के खातों में भेजी जाएगी 24 लाख से ज्यादा की राशि

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गौतमबुद्धनगर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को विकास भवन सभागार में फसल बीमा क्षतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी गौतमबुद्धनगर ने की।

इस दौरान खरीफ 2025 और रबी 2025-26 सीजन में प्रभावित किसानों को बीमा क्षतिपूर्ति राशि वितरित किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा खरीफ 2025 में बीमित किसानों को कुल 24,17,982 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

10 किसानों को दिए गए प्रतीकात्मक चेक

कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने 10 किसानों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। चेक प्राप्त करने वाले किसानों में ग्राम फजायलपुर के दयानंद शर्मा और सतीश को 25,838.91 रुपये, ग्राम दौलराजपुर के अलीमुद्दीन को 25,033.76 रुपये और ग्राम मचक मडैया के जयपाल शर्मा को 23,434.06 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई।

इसके अलावा शाहपुर खुर्द के कृपाल सिंह को 20,986.98 रुपये, दौलराजपुर के जगवीर सिंह भाटी को 19,363.82 रुपये, शाहपुर खुर्द के लखन को 18,279.16 रुपये, दौलराजपुर के शगीर अहमद को 16,734.38 रुपये, अजयपाल सिंह को 16,478 रुपये तथा शाहपुर खुर्द के फिरेराम को 14,938.10 रुपये की राशि दी गई। वहीं बिसाहड़ा की संतोषी को 15,712.52 रुपये का प्रतीकात्मक चेक सौंपा गया।

धान और बाजरा फसल के लिए बीमा योजना लागू

उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर ने बताया कि खरीफ मौसम में धान और बाजरा फसल को योजना के तहत अधिसूचित किया गया है। क्लस्टर कोऑर्डिनेटर डीआर सिंह ने किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि धान की बीमित धनराशि 84,100 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है, जबकि किसान अंश के रूप में 2 प्रतिशत यानी 1,682 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा।

इसी प्रकार बाजरा फसल के लिए बीमित धनराशि 33,600 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है और इसके लिए किसान अंश 672 रुपये प्रति हेक्टेयर रहेगा।

31 जुलाई तक करा सकेंगे फसल बीमा

अधिकारियों ने बताया कि यह योजना जिले के सभी ऋणी और गैर ऋणी किसानों के लिए लागू है। ऋणी किसानों के लिए योजना स्वैच्छिक रखी गई है। इच्छुक किसान 31 जुलाई 2026 तक बैंक या जन सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी धान और बाजरा फसल का बीमा करा सकते हैं।

प्राकृतिक आपदा पर 72 घंटे में देनी होगी सूचना

कार्यक्रम में किसानों को यह भी बताया गया कि यदि फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के दौरान ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होता है, तो किसानों को 72 घंटे के भीतर भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए सूचना देना अनिवार्य होगा।

इस मौके पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि देवराज सिंह राठौर, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर डीआर सिंह, उप कृषि निदेशक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

 

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