दिसंबर 2026 तक जारी रह सकती है ऑटो सेक्टर में तेज डिमांड, सप्लाई चेन बनी सबसे बड़ी चिंता; रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली: भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इस समय मजबूत मांग के दौर से गुजर रहा है और यह तेजी अगले दो से तीन तिमाहियों यानी दिसंबर 2026 तक जारी रह सकती है। एक ताजा रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2027 में यह ग्रोथ धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट सकती है। ऑटो सेक्टर में यह बढ़त पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल, दोपहिया, ट्रैक्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत बिक्री से देखी जा रही है।

ऑटो सेक्टर में मजबूत शुरुआत, हर सेगमेंट में बढ़ी बिक्री

रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेहद मजबूत रही है। बिक्री में आई इस तेजी को जीएसटी दरों में कटौती, ग्रामीण मांग में सुधार और प्रीमियम वाहनों की बढ़ती पसंद से समर्थन मिला है।

भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन बनी बड़ी चुनौती

हालांकि रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता सेक्टर के लिए बड़ा जोखिम बने हुए हैं। पहली छमाही में निर्यात और मुनाफे पर दबाव रहने की संभावना है। इसके साथ ही बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत, कमोडिटी महंगाई और सप्लाई चेन में बाधाएं भी चिंता का कारण बनी हुई हैं।

पैसेंजर व्हीकल्स में करीब 20% की बढ़ोतरी

अप्रैल 2026 में पैसेंजर व्हीकल्स की घरेलू थोक बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई। इसमें टाटा मोटर्स में 31 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 32 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 8 प्रतिशत और हुंडई ने 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। टोयोटा किर्लोस्कर में 21 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि किआ और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर में क्रमशः 3 प्रतिशत और 4 प्रतिशत की हल्की वृद्धि दर्ज की गई।

कमर्शियल व्हीकल्स में 16% की ग्रोथ

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर और माल ढुलाई की स्थिर मांग से सपोर्ट मिला।

टाटा मोटर्स ने इस सेगमेंट में 28 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की, खासकर छोटे कमर्शियल व्हीकल्स में 40 प्रतिशत की तेज मांग के कारण। आयशर-वीई कमर्शियल व्हीकल्स और महिंद्रा LCV सेगमेंट में क्रमशः 9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि रही।

दोपहिया वाहन बिक्री में 30% का उछाल

दोपहिया वाहनों की बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई। हीरो मोटोकॉर्प में 85 प्रतिशत और रॉयल एनफील्ड में 37 प्रतिशत की तेज वृद्धि देखने को मिली।

टीवीएस मोटर में 8 प्रतिशत की बढ़त रही, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 36 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि सप्लाई चेन दिक्कतों के कारण मोटरसाइकिल बिक्री में 9 प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज की गई।

ट्रैक्टर, थ्री-व्हीलर और EV में तेज रफ्तार

ट्रैक्टर बिक्री में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसे अनुकूल मानसून और सरकारी समर्थन से मजबूती मिली। महिंद्रा, एस्कॉर्ट्स और वीएसटी टिलर्स में क्रमशः 21 प्रतिशत, 28 प्रतिशत और 17 प्रतिशत की बढ़त रही।

थ्री-व्हीलर सेगमेंट में महिंद्रा ने 81 प्रतिशत और टीवीएस ने 61 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की।

इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में 74 प्रतिशत की सालाना बढ़त देखी गई, जिसमें टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत, महिंद्रा की 23 प्रतिशत और मारुति सुजुकी की 5 प्रतिशत रही।

निष्कर्ष: मजबूत मांग के बीच चुनौतियां भी बरकरार

कुल मिलाकर ऑटो सेक्टर में मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन सप्लाई चेन की चुनौतियां और वैश्विक अनिश्चितता आने वाले समय में ग्रोथ की गति को प्रभावित कर सकती हैं।

 

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