‘ममता बनर्जी को संविधान के तहत छोड़ना होगा पद’, ओडिशा के मंत्री सुरेश पुजारी के बयान से बंगाल की सियासत गरमाई
भुवनेश्वर। पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने बड़ा और सियासी बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी, जिन्हें लोग ‘दीदी’ के नाम से जानते हैं, भले ही इस्तीफा देने की बात से इनकार कर रही हों, लेकिन अंततः उन्हें संविधान के प्रावधानों के तहत पद छोड़ना ही पड़ेगा।
‘बंगाल में दीदी के दबदबे का अंत हो चुका है’
मीडिया से बातचीत में मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब ममता बनर्जी के राजनीतिक दबदबे का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि 100 से अधिक सीटों पर भाजपा ने कथित रूप से वोट चोरी कर जीत हासिल की है, लेकिन अगर ऐसा संभव होता तो यही सफलता भाजपा को केरल और तमिलनाडु में भी मिल सकती थी।
‘ओडिशा के कार्यकर्ताओं की मेहनत से बदला समीकरण’
ओडिशा के मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति मजबूत करने में ओडिशा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, इसी मेहनत के चलते पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार बनने की स्थिति बनी है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है।
जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक मुद्दों पर बयान
जगन्नाथ मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए सुरेश पुजारी ने कहा कि मंदिर हर जगह हो सकते हैं, लेकिन ‘धाम’ केवल पुरी ही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बंगाल में सरकार बदलती है तो दीघा में बने जगन्नाथ मंदिर से जुड़े मुद्दों पर ओडिशा सरकार विचार करेगी।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मंत्री ने सीमा विवाद और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने अपने कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब दूसरों को आईना दिखाने की बजाय खुद के कामों पर ध्यान देना चाहिए।