जायद फसलों में खरपतवार और रोग नियंत्रण को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों के लिए जारी हुई विस्तृत एडवाइजरी

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गौतमबुद्धनगर में जायद सीजन की प्रमुख फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने 06 अप्रैल 2026 को जारी एडवाइजरी में बताया कि मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है, ऐसे में समय रहते बचाव और प्रबंधन बेहद जरूरी है।

मक्का, ज्वार और बाजरा के लिए खरपतवार नियंत्रण के निर्देश

एडवाइजरी के अनुसार मक्का, ज्वार और बाजरा की फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए एट्राजिन 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा डयूरान डब्ल्यूपी की 1.5 से 2 किलोग्राम मात्रा को 500 से 700 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

मूंगफली की फसल में समयबद्ध छिड़काव जरूरी

मूंगफली की खेती करने वाले किसानों को सलाह दी गई है कि बुवाई के दो दिनों के भीतर ऑक्सीफ्लोरोफेन 23.5 प्रतिशत ईसी की 600 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। इसके अलावा बुवाई के 10 से 15 दिनों बाद इमेजाथापर 10 प्रतिशत एसएल की 1000 मिलीलीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

उर्द और मूंग की फसल के लिए समग्र प्रबंधन की सलाह

उर्द और मूंग की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 10 दिनों बाद इमेजाथापर 10 प्रतिशत ईसी की 750 से 1000 मिलीलीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही, 10 से 15 दिनों के भीतर दोबारा छिड़काव करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

पीला चित्तवर्ण रोग से प्रभावित पौधों को तुरंत उखाड़कर मिट्टी में दबाकर नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खेत और मेड़ों को खरपतवार मुक्त रखने तथा प्रति हेक्टेयर 6 से 8 स्टिकी ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है।

सफेद मक्खी से बचाव के लिए रसायनिक नियंत्रण पर जोर

एडवाइजरी में बताया गया है कि रोग फैलाने वाली सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए डाइमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी की 1 लीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव किया जाए। आवश्यकता के अनुसार 10 से 15 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार छिड़काव करने से कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

 

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