महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं की सुरक्षा जांचने वर्कप्लेस पर भेजे जाएंगे अधिकारी

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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। नासिक की एक आईटी कंपनी में महिलाओं के उत्पीड़न के मामले के बाद राज्य सरकार ने POSH Act 2013 के पालन की निगरानी के लिए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। अब सरकारी, अर्धसरकारी और निजी संस्थानों में यह जांच की जाएगी कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।

सरकार ने साफ किया है कि जांच के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी।

POSH पॉलिसी की होगी निगरानी

राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नियुक्त अधिकारी कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम 2013 के तहत निरीक्षण कर सकेंगे। POSH Act की धारा 25 के मुताबिक, अधिकारी किसी भी संस्थान या जिला प्रशासन से आवश्यक जानकारी मांग सकते हैं और मौके पर जाकर जांच भी कर सकते हैं।

सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में सरकारी, निजी, अर्धसरकारी संस्थानों, महामंडलों और अन्य संगठनों की बड़ी संख्या को देखते हुए निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी था। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

इन अधिकारियों को मिला जांच का अधिकार

सरकार ने POSH कानून के पालन की निगरानी और जांच के लिए कई अधिकारियों को अधिकृत किया है। इनमें जिला अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, विभागीय उप आयुक्त, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला परिवीक्षा अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, आंगनवाड़ी मुख्य सेविका और पर्यवेक्षिका समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं।

इसके अलावा, शासन द्वारा नियुक्त अधीक्षक और अधीक्षिकाओं को भी जांच और निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।

कमी मिलने पर होगी कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्थान में POSH Act 2013 के नियमों के पालन में कमी पाई जाती है, तो जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर धारा 26 के तहत संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।

TCS मामले के बाद सरकार सख्त

इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक कार्यालय को POSH Act के पालन में कथित लापरवाही को लेकर फटकार लगाई थी। आयोग की जांच में महिलाओं के उत्पीड़न, धार्मिक अपमान, दबाव और डर का माहौल होने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे। इसी मामले के बाद राज्य सरकार ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

 

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