मानसून को मिली रफ्तार! 13 जून तक उत्तर भारत में बारिश का दौर, यूपी समेत कई राज्यों में आंधी-ओलावृष्टि का अलर्ट
नई दिल्ली: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में लू का असर भी बना रहेगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमालयी क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा दक्षिण कोंकण, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। देश के कई हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की घटनाएं सामने आईं।
तेजी से आगे बढ़ सकता है मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। साथ ही तमिलनाडु का शेष क्षेत्र भी मानसून की चपेट में आ सकता है। इसी अवधि में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ इलाकों में भी मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के मध्य भाग में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है। हालांकि 11 से 13 जून के बीच अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में फिर 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी संभव है।
मध्य भारत में 12 जून तक तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, जबकि उसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिल सकती है। पूर्वी भारत में भी अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन 12 से 14 जून के बीच 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कमी आने की संभावना है।
मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को भी इस श्रेणी में रखा गया है।
इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, तेलंगाना, कर्नाटक, दक्षिण कोंकण, तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
कर्नाटक, गोवा और केरल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
यूपी, राजस्थान और कश्मीर में लू का असर बरकरार
बारिश और मौसम में बदलाव के बावजूद जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू का प्रभाव जारी रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिसके मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी भी दी गई है। वहीं पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर
केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में अगले पांच से सात दिनों के दौरान 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका बनी हुई है।