‘सोशल मीडिया नहीं, सिर्फ क्रिकेट पर फोकस करो’… 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को सीनियर्स की बड़ी सलाह, ईशान किशन ने खोला राज

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नई दिल्ली: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा खुलासा किया। ईशान ने बताया कि भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी 15 वर्षीय बल्लेबाज को लगातार एक ही सलाह दे रहे हैं कि वह सोशल मीडिया और बाहरी शोर से दूर रहकर केवल अपने क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करें।

वैभव को सिर्फ क्रिकेट पर फोकस रखने की सलाह

दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईशान किशन ने कहा कि भारत के लिए खेलते समय यह समझना बेहद जरूरी होता है कि किस चीज पर ध्यान देना है। उन्होंने बताया कि वह, अभिषेक, अक्षर और टीम के अन्य खिलाड़ी लगातार वैभव से कहते हैं कि वह अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाए और सोशल मीडिया या बाहरी चर्चाओं से प्रभावित न हो।

ईशान ने कहा कि यदि वैभव क्रीज पर कुछ समय तक टिक जाता है तो वह टीम के लिए बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि पहली ही गेंद से आक्रामक खेलने की उसकी क्षमता पावरप्ले में टीम को 80 से 90 रन तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।

15 साल के बल्लेबाज की समझदारी की भी की तारीफ

ईशान किशन ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना करते हुए कहा कि वह अपनी उम्र के हिसाब से काफी समझदार खिलाड़ी हैं। उनके मुताबिक, युवा बल्लेबाज को अच्छी तरह पता है कि मैदान के अंदर किस तरह बल्लेबाजी करनी है और मैदान के बाहर खुद को कैसे संभालना है।

दूसरे टी20 में जल्दी आउट हुए वैभव

सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में शानदार अर्धशतक लगाने वाले वैभव सूर्यवंशी दूसरे मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। वह सिर्फ 20 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि भारत ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर सीरीज में मजबूत बढ़त हासिल की।

अपनी पारी पर भी बोले ईशान किशन

दूसरे टी20 मुकाबले में 81 रन की अहम पारी खेलने वाले ईशान किशन ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर बल्लेबाज लगातार रन बनाना चाहता है, लेकिन हर मैच की परिस्थितियां अलग होती हैं। ऐसे में पिच और मैच की जरूरत के अनुसार बल्लेबाजी करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी मैदान पर होता है तो उसे केवल मैच की स्थिति और टीम की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए। अगर परिस्थितियां अनुकूल नहीं हों तो निराश होने के बजाय उन चीजों पर काम करना बेहतर होता है जो खिलाड़ी के नियंत्रण में हैं। ईशान ने कहा कि वह मैदान के बाहर की चर्चाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।

 

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