नई दिल्ली: ओमान के तटीय क्षेत्र में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार को हुए हमले के महज 24 घंटे के भीतर एक और जहाज को निशाना बनाया गया है। इस बार शिनास बंदरगाह के पास भारतीय जहाज ‘एमटी जलवीर’ पर हमला होने की जानकारी सामने आई है। सामने आई तस्वीरों में जहाज को समुद्र में जलते हुए देखा जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थिति पर नजर रखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। फिलहाल हमले के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ओमान के शिनास बंदरगाह के पास हमला
जानकारी के मुताबिक, यह घटना ओमान के शिनास पोर्ट के नजदीक सामने आई है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उन्हें एक पोत पर घटना की सूचना मिली है, जिसके बाद तुरंत जांच और निगरानी शुरू कर दी गई है। भारतीय दूतावास भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है और इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई हैं।
बुधवार को भी हुआ था हमला, 24 भारतीय थे सवार
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को भी ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें कुल 28 लोग सवार थे। इनमें से 24 भारतीय क्रू मेंबर शामिल थे। इस घटना में 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 3 भारतीय लापता बताए गए थे। बाद में इनमें से 2 के शव बरामद होने की जानकारी भी सामने आई थी।
इस हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और मामले की जांच तथा सुरक्षा को लेकर संबंधित देशों से बातचीत भी की गई थी।
तीन दिन में तीसरी घटना से बढ़ी चिंता
ओमान के समुद्री क्षेत्र में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते तीन दिनों में यह तीसरा ऐसा मामला है जिसमें किसी जहाज को निशाना बनाया गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत और विदेशी एजेंसियां कर रही जांच
भारतीय दूतावास ओमान में स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रख रहा है। वहीं विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई हैं।
फिलहाल, किसी संगठन या देश की ओर से हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई है। जांच एजेंसियां हर संभावित एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।