योगी कैबिनेट की आज अहम बैठक, होमगार्डों को कैशलेस इलाज समेत 24 से ज्यादा प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे उनके सरकारी आवास पर होने वाली बैठक में 24 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। इनमें नई स्टार्टअप नीति-2026, होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा और कई विकास परियोजनाएं प्रमुख हैं।
नई स्टार्टअप नीति-2026 पर लग सकती है मुहर
राज्य सरकार प्रदेश में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी दे सकती है। अगले पांच वर्षों तक लागू रहने वाली इस नीति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी स्टार्टअप ईकोसिस्टम वाले राज्यों में शामिल करना, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना और रोजगार व निवेश के नए अवसर पैदा करना है।
नई नीति में डीप-टेक और हाईटेक क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है। स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डीप-टेक हब, इन्क्यूबेटर और एक्सीलेरेटर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को मिलेगा आर्थिक सहयोग
प्रस्तावित नीति के अनुसार स्टार्टअप्स को दो वर्षों तक प्रति माह 20 हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और मिनिमम वायबल प्रोडक्ट तैयार करने के लिए 15 लाख रुपये तक सीड कैपिटल उपलब्ध कराया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकेगी।
‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ गठन का प्रस्ताव
कैबिनेट में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसका उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन और नवाचार आधारित गतिविधियों को संस्थागत स्तर पर मजबूती देना होगा।
होमगार्डों को मिल सकती है बड़ी सौगात
बैठक में राज्य के करीब 1.60 लाख होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने संबंधी प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 1.18 लाख होमगार्ड स्वयंसेवक कार्यरत हैं, जबकि 41 हजार से अधिक नए होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
नगर निकायों को मिलेगा वित्तीय बल
गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम को म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की अनुमति देने के प्रस्ताव पर भी फैसला हो सकता है। इसके तहत गोरखपुर नगर निगम 80 करोड़ रुपये और मुरादाबाद नगर निगम 50 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। साथ ही अवस्थापना विकास निधि के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
जालालाबाद का नाम बदलकर हो सकता है परशुरामपुरी
शाहजहांपुर जिले की नगर पालिका परिषद जालालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बे ‘जालालाबाद’ का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मिल सकती है स्वीकृति
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल हैं। इनमें महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय (बिल्हौर, कानपुर), अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय (गाजियाबाद) और ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय (फतेहपुर) शामिल हैं।
कई विभागों के प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा
कैबिनेट बैठक में पंचायती राज, महिला कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खेल, सिंचाई एवं जल संसाधन, कार्मिक तथा औद्योगिक विकास विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किए जाने की संभावना है।