गौतमबुद्ध नगर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, 5 लाख रुपये तक की मिलेगी कैशलेस इलाज सुविधा
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की शुरुआत की। इसी दौरान परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
गौतमबुद्ध नगर में इस योजना के शुभारंभ और डीबीटी वितरण समारोह का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित आईआईएमटी कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वाराणसी में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के साथ हुई, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों ने देखा।
राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने वितरित किए योजना के कार्ड
समारोह में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जनपद के शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड वितरित किए और कहा कि यह योजना शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर के 4,426 शिक्षकों और उनके परिवारों को इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव हैं और प्रदेश सरकार इसी सोच के साथ कार्य कर रही है।
जनपद के हजारों शिक्षकों और छात्रों को मिलेगा लाभ
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि योजना के तहत जनपद के 3,089 बेसिक शिक्षक, 634 शिक्षामित्र, 38 अंशकालिक अनुदेशक, 23 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षक, 15 विशेष शिक्षक तथा 627 माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और उनके परिवारजन इस सुविधा का लाभ प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि जनपद के 58,510 छात्र-छात्राओं के खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
शैक्षिक नवाचारों की भी हुई सराहना
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न शैक्षिक स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए शिक्षण-अधिगम मॉडल, नवाचार आधारित गतिविधियों और शैक्षणिक सामग्री की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के साथ शिक्षा को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाते हैं।

जिले के विभिन्न स्थानों पर भी हुए कार्यक्रम
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ और डीबीटी वितरण समारोह का आयोजन जिले के अन्य स्थानों पर भी किया गया। दादरी के मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विधायक तेजपाल नागर और नगर पालिका अध्यक्ष गीता पंडित मौजूद रहीं। वहीं जेवर के प्रज्ञान स्कूल में ब्लॉक प्रमुख मुन्नी देवी पहाड़िया की उपस्थिति में तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दनकौर में प्राचार्य अर्चना गुप्ता की अध्यक्षता में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।