ईरान तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला! नए 400 मिलियन डॉलर के विमान से बनाई दूरी, पुराने Air Force One से लौटे वाशिंगटन

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वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय पुराने ‘एयर फोर्स वन’ विमान का इस्तेमाल किया। अंकारा से वाशिंगटन की वापसी के दौरान उन्होंने कतर की ओर से उपहार में मिले 400 मिलियन डॉलर मूल्य के नए बोइंग 747-8 विमान की बजाय पुराने राष्ट्रपति विमान को चुना। हालांकि ट्रंप ने सुरक्षा कारणों से विमान बदलने की बात से इनकार करते हुए इसे पुरानी यादों से जुड़ा फैसला बताया।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद ट्रंप ने अपनी यात्रा के लिए पुराने राष्ट्रपति विमान का उपयोग किया। बताया गया कि कतर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान में अभी वे सभी सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जो मौजूदा एयर फोर्स वन बेड़े में मौजूद हैं। इसी वजह से एहतियात के तौर पर पुराने विमान का इस्तेमाल किया गया।

सुरक्षा को लेकर सामने आई रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह फैसला किसी विशेष खतरे के कारण नहीं, बल्कि अतिरिक्त सतर्कता बरतने के उद्देश्य से लिया गया। अधिकारियों ने माना कि नए विमान में सुरक्षा संबंधी कुछ उन्नत व्यवस्थाएं अभी पूरी तरह शामिल नहीं की गई हैं, जबकि मौजूदा राष्ट्रपति विमान पूरी तरह सुरक्षा मानकों से लैस है।

व्हाइट हाउस ने असुरक्षा की बात से किया इनकार

व्हाइट हाउस ने उन दावों को खारिज किया कि नया विमान सुरक्षा के लिहाज से कमजोर है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि नया विमान उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल से लैस है और राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक उपाय अपनाए जाते हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा रणनीति में भ्रम पैदा करने और संभावित जोखिम को कम करने जैसे उपाय भी शामिल रहते हैं।

ट्रंप बोले- हमेशा खतरे में रहता हूं

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें हर समय खतरा बना रहता है और वे संभावित निशानों की सूची में सबसे ऊपर हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने एयर फोर्स वन से यात्रा करने का फैसला सुरक्षा चिंताओं के कारण नहीं, बल्कि पुरानी यादों के चलते लिया गया।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी सतर्कता

इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बहरीन और कुवैत जैसे क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है तथा दोनों देशों के बीच जवाबी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

 

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