NEET प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, ‘चलो संसद’ मार्च पर 9 FIR दर्ज; जंतर-मंतर पर जारी रहा आंदोलन
नई दिल्ली: NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुए हंगामे पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान पर हमले समेत विभिन्न मामलों में 9 एफआईआर दर्ज की हैं। इसके बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और बुधवार सुबह भी बड़ी संख्या में छात्र व समर्थक आंदोलन स्थल पर पहुंचे।
9 एफआईआर दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मार्च के दौरान हुई घटनाओं को लेकर 9 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि हिंसा के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है। बुधवार को जंतर-मंतर पर फिर से मंच तैयार कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग NEET विवाद की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बताई जा रही है।
CJP प्रवक्ता बोले- आंदोलन नहीं रुकेगा
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि यह आंदोलन आजादी के बाद देश के सबसे बड़े जन आंदोलनों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में देशभर से बड़ी संख्या में युवा दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान पुलिस की सख्ती के बाद हालात बिगड़े।
रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर पिछले 31 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा है और यह आंदोलन महात्मा गांधी तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित है। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र या समर्थक के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।
मार्च के दौरान बढ़ा था तनाव
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पथराव किया और सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र घायल हुए।
घटना में छात्रों और पुलिसकर्मियों दोनों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अस्पतालों में कई घायलों का उपचार चल रहा है। कुछ छात्रों को सिर, हाथ-पैर और आंखों में चोटें आई हैं, जबकि कुछ मामलों में फ्रैक्चर और टांके लगाने की नौबत भी आई। पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है।
सियासी और छात्र संगठनों का समर्थन जारी
करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP, आम आदमी पार्टी और अन्य संगठनों ने छात्रों को कानूनी सहायता देने की घोषणा की है। कांग्रेस ने भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में कई राज्यों में प्रदर्शन किए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी धरने के दौरान हिरासत में लिया गया था।
उधर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ ने भी विरोध मार्च निकालकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा दिल्ली पुलिस आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। फिलहाल जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है और पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और संसदीय हलकों की नजर बनी हुई है।