नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देकर इस पूरे घटनाक्रम पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए।
नियम 267 के तहत उठाया मुद्दा
टीएमसी की ओर से दिए गए नोटिस में कहा गया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर बल प्रयोग किया। पार्टी का कहना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है। इसी आधार पर राज्यसभा में सामान्य कार्यवाही स्थगित कर तत्काल चर्चा की मांग की गई है।
सरकार से जवाब की मांग
टीएमसी ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उस पर सरकार को संसद में विस्तृत जवाब देना चाहिए। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की चर्चा सदन में होना आवश्यक है ताकि तथ्यों को सामने रखा जा सके और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित हो।
ममता बनर्जी ने जताई आपत्ति
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं बताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने विपक्ष के धरने को समर्थन देने की बात भी दोहराई।
दिल्ली पहुंचने का किया ऐलान
ममता बनर्जी ने कहा कि वह CJP के आंदोलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई जारी रहेगी तथा जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय का भी रुख किया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने भी उठाए सवाल
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और जवाबदेही से बचने के लिए दबाव या डर का माहौल नहीं बनाया जा सकता। पार्टी ने स्पष्ट किया कि छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार की रक्षा के लिए वह संसद और सड़क दोनों स्तरों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।