गौतमबुद्धनगर में उद्योगों को रफ्तार देने की तैयारी, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
गौतमबुद्धनगर: जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण ने जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों और लंबित मामलों की जानकारी जिलाधिकारी को दी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निवेशकों और उद्यमियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जलभराव, बिजली, ट्रैफिक और जर्जर सड़कों की समस्याएं उठीं
बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, विद्युत आपूर्ति, ट्रैफिक जाम, जर्जर सड़कें, अतिक्रमण, पार्किंग की कमी और जल निकासी जैसी प्रमुख समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरणों के साथ अलग बैठक करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि प्राधिकरणों से संबंधित सभी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ शीघ्र अलग बैठक आयोजित की जाए। इसका उद्देश्य उद्यमियों की समस्याओं का स्थायी, प्रभावी और परिणामपरक समाधान सुनिश्चित करना है।
सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र उद्यमी तक पहुंचाने पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक विकास तभी संभव है, जब प्रशासन और उद्योग जगत समन्वय और साझी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को राज्य सरकार की उद्यमी हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और प्रत्येक पात्र उद्यमी तक समयबद्ध तरीके से इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, विभिन्न प्राधिकरणों के अधिकारी, श्रम, सिंचाई, विद्युत और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।