पितृपक्ष में क्या खरीदना शुभ माना जाता है? इन चीजों को घर लाने की है मान्यता, जानें किन वस्तुओं से करें परहेज

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नई दिल्ली: पितृपक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में सात्विक जीवनशैली अपनाने के साथ कुछ विशेष वस्तुओं को खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है। वहीं कुछ चीजों की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से होगी। आइए जानते हैं कि श्राद्धपक्ष के दौरान किन चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है और किन वस्तुओं से परहेज करने की मान्यता है।

श्राद्ध और तर्पण से जुड़ी सामग्री खरीदना शुभ

पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री खरीदना शुभ माना जाता है। जौ, काले तिल, कुशा, चावल और चमेली का तेल जैसी वस्तुएं इस दौरान खरीदी जा सकती हैं। इसके अलावा धूप, दीपक और धार्मिक पुस्तकें खरीदना भी अच्छा माना जाता है।

इन वस्तुओं का इस्तेमाल पूजा-पाठ में करने के साथ जरूरतमंद लोगों को दान भी किया जा सकता है।

काले तिल का विशेष महत्व

पितृपक्ष में काले तिल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि काले तिल से तर्पण करने से पितरों को संतुष्टि मिलती है। इस दौरान काले तिल खरीदकर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना भी पुण्यदायी माना गया है।

तांबे, कांसे और पीतल के बर्तन खरीदने की मान्यता

पितृपक्ष में तांबे, कांसे और पीतल के बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है। इन धातुओं से बने बर्तनों का इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। व्यक्ति अपनी जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार इनमें से कोई बर्तन खरीद सकता है।

पितृपक्ष में घर ला सकते हैं गंगाजल

गंगाजल का भी पितृपक्ष में विशेष महत्व माना जाता है। इसका इस्तेमाल पितृ तर्पण और पूजा-पाठ में किया जा सकता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, घर के पूजा स्थल और अन्य स्थानों पर गंगाजल का छिड़काव भी किया जाता है।

इन चीजों की खरीदारी से बचने की मान्यता

पितृपक्ष के दौरान कुछ वस्तुओं की खरीदारी को लेकर धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इस अवधि में इन चीजों को खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है:

  • लोहे या लोहे से बनी वस्तुएं न खरीदें
  • नए कपड़ों की खरीदारी से बचें
  • सोने-चांदी के आभूषण न खरीदें
  • नया वाहन खरीदने से परहेज करें
  • जमीन या मकान की खरीदारी न करें
  • नए जूते-चप्पल खरीदने से बचें
  • शादी या अन्य मांगलिक कार्यों से जुड़ा सामान न खरीदें
  • नई झाड़ू खरीदने से भी बचने की मान्यता है

धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है यह जानकारी

पितृपक्ष में खरीदारी को लेकर अलग-अलग परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख मिलता है। ऊपर बताई गई बातें भी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

 

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