उजाला समूह की महिलाएं बना रहीं रंग-बिरंगी मोमबत्तियां
गौतमबुद्धनगर के ग्राम शमशमनगर में गुड्डी और नीरज के नेतृत्व में उजाला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दीपावली के लिए आकर्षक मोमबत्तियां तैयार कर रही हैं। समूह की महिलाएं अलग-अलग रंगों और डिजाइनों में मोमबत्तियां बना रही हैं, जिनका इस्तेमाल घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट में किया जा सकता है।
महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता से तैयार ये मोमबत्तियां त्योहार की सजावट को खास बना रही हैं। साथ ही इनके निर्माण और बिक्री से समूह की महिलाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
श्री गणेश समूह के हाथों तैयार हो रहे मिट्टी के दीपक
इसी तरह दादरी तहसील की ग्राम पंचायत धानुवास में सुशीला के श्री गणेश स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी के आकर्षक दीपक तैयार कर रही हैं। दीपावली पर मिट्टी के दीयों का विशेष सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व है। ऐसे में समूह की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे दीपक त्योहार की पारंपरिक सुंदरता को बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर इन दीपकों का निर्माण होने से पारंपरिक कला को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही महिलाओं को अपने हुनर के जरिए कमाई करने का अवसर भी मिल रहा है।

स्थानीय बाजारों तक पहुंच रहे हस्तनिर्मित उत्पाद
गौतमबुद्धनगर के अन्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी दीपावली को ध्यान में रखते हुए कई तरह की सजावटी वस्तुएं बना रही हैं। महिलाएं ग्राहकों की पसंद और बाजार में उत्पादों की मांग के अनुसार सामान तैयार कर रही हैं।
समूहों की ओर से बनाई गई मोमबत्तियां, मिट्टी के दीपक और अन्य सजावटी वस्तुएं स्थानीय बाजारों में फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से बेची जा रही हैं। इससे महिलाओं के उत्पादों को बाजार मिल रहा है और उनके हुनर को पहचान भी मिल रही है।
हुनर को मिल रहा बाजार, मजबूत हो रही आर्थिक स्थिति
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं संगठित रूप से उत्पादन और बिक्री के काम में हिस्सा ले रही हैं। अपने हाथों से उत्पाद तैयार करने से लेकर उन्हें बाजार तक पहुंचाने में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इससे उनमें आत्मविश्वास और कारोबार करने की क्षमता विकसित हो रही है।
उत्पादों की बिक्री से होने वाली कमाई परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद कर रही है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पारंपरिक और हस्तनिर्मित वस्तुओं को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
ग्रामीण आजीविका मिशन से महिलाओं को मिल रहे नए अवसर
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। इस पहल के तहत महिलाओं को समूह बनाकर काम करने, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन हासिल करने तथा स्वरोजगार के नए अवसरों से जुड़ने का मौका मिल रहा है।
इसी का असर है कि गौतमबुद्धनगर की महिलाएं अपने हुनर को आजीविका का साधन बना रही हैं। शमशमनगर की गुड्डी और नीरज के उजाला स्वयं सहायता समूह तथा धानुवास की सुशीला के श्री गणेश स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस दिशा में काम कर रही हैं। इनके अलावा जिले के अन्य समूहों की महिलाएं भी अपने उत्पादों के जरिए स्थानीय बाजारों में पहचान बना रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया है। महिलाओं का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी प्रतिभा और हुनर को पहचानने तथा उसे कमाई का जरिया बनाने का अवसर मिला है।
समूह के माध्यम से मिल रहे सहयोग और मार्गदर्शन के कारण वे अपने उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजारों तक पहुंचा पा रही हैं। इससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला मिल रहा है।
महिलाओं के हुनर से जगमगाएगी दीपावली, आत्मनिर्भरता को मिल रही नई ताकत
गौतमबुद्धनगर की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही मोमबत्तियां, मिट्टी के दीपक और सजावटी वस्तुएं महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश कर रही हैं। इनके उत्पाद जहां दीपावली के बाजारों की रौनक बढ़ा रहे हैं, वहीं इनसे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में भी योगदान हो रहा है।
शमशमनगर की गुड्डी और नीरज, धानुवास की सुशीला सहित जिले की अन्य समूहों की महिलाएं अपने हुनर, मेहनत और सामूहिक प्रयासों से त्योहार को खास बनाने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए मिल रहे अवसरों का लाभ उठाकर ये महिलाएं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभा रही हैं।