भारत के हस्तशिल्प निर्यात को मिली नई रफ्तार, गिरिराज सिंह बोले- मोदी सरकार में 25 प्रतिशत बढ़ा कारोबार

0 38

गौतमबुद्धनगर: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आईआईजीएफ दिल्ली फेयर 2026 का उद्घाटन किया। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से आयोजित यह पांच दिवसीय मेला भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

युवाओं को निर्यात कारोबार से जोड़ने पर जोर

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हस्तशिल्प क्षेत्र की निर्यात क्षमता बढ़ाने और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि मेले के माध्यम से कम से कम 10 प्रतिशत युवाओं को निर्यात कारोबार से जोड़ने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं की जानकारी देने और उन्हें निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने से नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

125 से अधिक देशों के खरीदार पहुंचे, निर्यात में 25 प्रतिशत वृद्धि का दावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति के बावजूद भारत में आयोजित इस मेले में 125 से अधिक देशों के खरीदार शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले आयोजन की तुलना में इस बार अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार पहुंचे हैं और भारत के हस्तशिल्प निर्यात में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र के निर्यात को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया।

40 देशों के साथ व्यापारिक संबंध आगे बढ़े: गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 40 देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने आने वाले समय में 56 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है और हस्तशिल्प क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ रहा मेला

आईआईजीएफ दिल्ली फेयर 2026 एक बिजनेस-टू-बिजनेस आयोजन है, जिसमें भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक मंच पर लाया जा रहा है।

इस मेले के जरिए भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने, नए बाजार तलाशने और निर्यात कारोबार के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पारंपरिक शिल्प और उद्यमशीलता को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

आयोजन में भारतीय हस्तशिल्प की विविधता, पारंपरिक कारीगरी और उद्यमशीलता को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके माध्यम से देश के हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत बनाने और निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.