गौतमबुद्धनगर: अब आम नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसलों को समझने के लिए भाषा की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। न्यायालयों के निर्णय हिंदी में उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल की गई है। इसके तहत ‘सुवास प्रकोष्ठ’ यानी सुप्रीम कोर्ट विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से न्यायिक फैसलों का हिंदी में अनुवाद किया जा रहा है, ताकि आम लोग भी अपनी भाषा में न्यायिक निर्णय पढ़ सकें और कानूनी जानकारी हासिल कर सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आयोजित किया जागरूकता शिविर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर की सचिव शिवानी रावत ने बताया कि उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम एवं नोडल अधिकारी मयंक त्रिपाठी की अध्यक्षता में यह शिविर दीवानी न्यायालय परिसर के मीटिंग हॉल में संपन्न हुआ।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं, मध्यस्थों और एलएडीसीएस में नामित अधिवक्ताओं को इस पहल की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह अनुवाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से न्यायालयों के फैसले हिंदी में पढ़े जा सकते हैं। साथ ही अधिक से अधिक लोगों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाकर कानूनी जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई।
इन वेबसाइट के माध्यम से हिंदी में देख सकेंगे फैसले
शिविर में इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से उपलब्ध कराए गए दो ऑनलाइन माध्यमों की जानकारी भी साझा की गई। इनके जरिए नागरिक न्यायिक फैसलों के हिंदी अनुवाद देख सकते हैं।
- www2-allahabadhighcourt-in/ahcr
- elegalix-allahabadhighcourt-in/elegalix/translation/vernacular2-html
बार एसोसिएशन से लेकर विश्वविद्यालयों तक होगा प्रचार-प्रसार
इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जनपद बार एसोसिएशन, पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी), जिला प्रशासन, स्थानीय प्राधिकरणों, विधि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के सहयोग से लोगों को इस सुविधा के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में न्यायिक फैसलों तक पहुंच उपलब्ध कराना और विधिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।