मुंबई: शिवसेना के चुनाव चिन्ह को लेकर उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है. बाला साहेब की शिवसेना अब शिंदे गुट की हो गई है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने आज आदेश दिया कि शिवसेना और पार्टी का प्रतीक ‘धनुष-बाण’ एकनाथ शिंदे गुट का रहेगा. इस फैसले के बाद उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है. चुनाव आयोग के इस फैसले से उद्धव ठाकरे के हाथ से शिवसेना चली गई है और शिवसेना नाम और निशान पर एकनाथ शिंदे का हक हो गया है.
इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है. यह खोखे की जीत है, सत्य की नहीं. हम कानून की लड़ाई भी लड़ेंगे और जनता के दरबार में भी जाएंगे. हम फिर से शिवसेना खड़ी करेंगे. आपने निशान हथियाया है, विचार कैसे हथियाएंगे. अगर धनुष बाण राम की बजाए रावण को मिले, तो इसका मतलब क्या? इसका मतलब है असत्यमेव जयते.
आगे संजय राउत ने कहा कि कहां तक खरीद-बिक्री हुई है, यह साफ हो गया है. आज चुनाव आयोग ने अपना विश्वास खो दिया है. देश की सभी स्वायत्त संस्थाओं को गुलाम बनाने की कोशिश शुरू है. इस फैसले को जरूर चुनौती देंगे हम. 40 लोगों ने पैसे के जोर पर धनुष बाण का चिन्ह खरीदा है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है. सत्यमेव जयते का घोष हुआ है. शिवसेना और बीजेपी की संयुक्त ताकत अब महाराष्ट्र के भविष्य की एक नई सुबह का द्वारा खोलेगी.