नोएडा में 9 अप्रैल को होगी बड़ी समीक्षा बैठक: विधान परिषद समिति कलेक्ट्रेट में अधिकारियों से लेगी जवाबदेही
गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति जनपद गौतमबुद्ध नगर में लंबित मामलों और जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए अहम बैठक करने जा रही है। यह बैठक 9 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी, जिसमें जिले के सभी संबंधित अधिकारी शामिल होंगे।
जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्रवाई न होने पर फोकस
समिति का मुख्य उद्देश्य विधान परिषद सदस्यों के पत्रों पर कार्रवाई में देरी, खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन में लापरवाही और विशेषाधिकार हनन से जुड़े मामलों की समीक्षा करना है। इन मुद्दों को लेकर समिति अधिकारियों से जवाबदेही तय करेगी।
पहले से तय एजेंडे पर होगी विस्तृत चर्चा
समिति के सभापति अश्विनी त्यागी के नेतृत्व में लखनऊ में हुई पूर्व बैठक में सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर एजेंडा तैयार किया जा चुका है। लंबे समय से लंबित प्रकरणों को संबंधित जनपदों को पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि बैठक में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
10 प्रमुख बिंदुओं पर होगी समीक्षा
बैठक में कुल 10 अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इनमें वर्ष 2024 से अब तक जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर की गई कार्रवाई, विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों की स्थिति, सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के नाम अंकन का अनुपालन, प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले और विभिन्न विभागों में जनप्रतिनिधि पत्राचार रजिस्टर की स्थिति शामिल है।
इसके अलावा पिछले 6 महीनों में आयोजित प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों का विवरण, सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर हुए खर्च का ब्यौरा, अवैध व नकली शराब के खिलाफ अभियान की स्थिति और अधिकारियों के आचरण व संपत्ति विवरण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा होगी।
अधिकारियों को पहले ही सौंपा गया एजेंडा
समिति ने बैठक से पहले ही सभी संबंधित विभागों को एजेंडा बिंदु भेज दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी जरूरी दस्तावेज और विवरण बैठक में प्रस्तुत करें, ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
जनहित के मामलों को प्राथमिकता
समिति ने साफ किया है कि उसकी प्राथमिकता जनहित से जुड़े लंबित मामलों को तेजी से निपटाना है। बैठक के जरिए प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और शासन के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा।