क्रिकेट फैंस के लिए बुधवार का दिन जबरदस्त रोमांच से भरा रहा। एक तरफ आईपीएल में आखिरी गेंद तक चला मुकाबला दिल की धड़कनें बढ़ाता रहा, तो दूसरी ओर पाकिस्तान सुपर लीग में भी लगभग वैसी ही स्थिति देखने को मिली। फर्क सिर्फ इतना रहा कि जहां एक मैच में एक छोटी सी चूक हार का कारण बनी, वहीं दूसरे में समझदारी ने जीत दिला दी।
डेविड मिलर की चूक, दिल्ली को 1 रन से हार
अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए आखिरी दो गेंदों पर सिर्फ 2 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर डेविड मिलर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर सिंगल लेने से इनकार कर दिया, जबकि नॉन-स्ट्राइकर छोर पर कुलदीप यादव तैयार थे। मिलर ने आखिरी गेंद पर बाउंड्री लगाने का जोखिम लिया, लेकिन प्रसिद्ध की धीमी गेंद को वह समझ नहीं सके। इसके बाद बाई रन लेने की कोशिश में कुलदीप रन आउट हो गए और दिल्ली को 1 रन से हार झेलनी पड़ी।
PSL में इफ्तिखार अहमद की समझदारी बनी जीत की कुंजी
करीब उसी समय कराची में खेले गए एक मुकाबले में पेशावर जाल्मी को भी आखिरी दो गेंदों पर 2 रन की जरूरत थी। यहां इफ्तिखार अहमद ने सूझबूझ दिखाते हुए पहली ही गेंद पर सिंगल ले लिया। इसके बाद अगली गेंद पर आमिर जमाल ने जरूरी रन बनाकर टीम को 4 विकेट से जीत दिला दी। इफ्तिखार ने इस मैच में ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट और 15 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मिलर पर सवाल, गावस्कर ने किया बचाव
दिल्ली की हार के बाद डेविड मिलर के फैसले पर सवाल उठने लगे। हालांकि, पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि मिलर को अपने फॉर्म पर भरोसा था और वह मैच खत्म करना चाहते थे। गावस्कर ने माना कि कुलदीप यादव को स्ट्राइक देना बेहतर विकल्प हो सकता था, लेकिन मिलर को पूरी तरह दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह एक बेहतरीन गेंद का शिकार बने।
अब चेन्नई से टक्कर, वापसी की कोशिश में दिल्ली
सीजन की पहली हार के बाद अब दिल्ली कैपिटल्स की नजरें वापसी पर टिकी हैं। टीम का अगला मुकाबला 11 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ होगा। दिल्ली की टीम अब इस हार से सबक लेकर मजबूत वापसी करना चाहेगी, जबकि चेन्नई इस सीजन अपनी पहली जीत की तलाश में है।