‘6 छक्कों के बाद गुस्से में जर्सी फेंक दी थी’—सालों बाद Yuvraj Singh ने किया बड़ा खुलासा, बोले- ‘मैं समझ सकता हूं उसका दर्द’

0 35

2007 टी20 वर्ल्ड कप की वह ऐतिहासिक रात आज भी क्रिकेट फैंस के जेहन में ताजा है, जब Yuvraj Singh ने एक ओवर में छह छक्के जड़कर इतिहास रच दिया था। उस ओवर के गेंदबाज Stuart Broad थे। दुनिया के लिए यह रिकॉर्ड और जश्न का पल था, लेकिन उसी घटना ने एक युवा गेंदबाज के मन में गहरी छाप भी छोड़ी।

जर्सी पर लिखी थी दिल की बात, लेकिन गुस्से में फेंक दी गई

सालों बाद इस कहानी का दूसरा पहलू सामने आया है। Yuvraj Singh ने बताया कि Chris Broad ने उनसे अपने बेटे के लिए एक जर्सी पर साइन करने को कहा था। युवराज ने उस जर्सी पर सिर्फ हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि एक भावनात्मक संदेश भी लिखा—‘मुझे भी पांच छक्के पड़े हैं, मैं समझ सकता हूं कैसा लगता है। उम्मीद है तुम महान बनोगे।’ हालांकि बाद में उन्हें पता चला कि Stuart Broad ने गुस्से में वह जर्सी कूड़ेदान में फेंक दी थी। इस पर युवराज ने कोई नाराजगी नहीं जताई, बल्कि इसे एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया।

‘उस उम्र में कोई भी ऐसा ही महसूस करता’—युवराज

Yuvraj Singh ने Michael Vaughan के साथ बातचीत में कहा, ‘वो बहुत गुस्से में था और यह पूरी तरह जायज है। उस उम्र में, उस हालात में, कोई भी ऐसा ही महसूस करता।’ उन्होंने उस पल को सिर्फ अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि ब्रॉड के करियर के टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा।

दर्द को ताकत बनाकर बने दिग्गज गेंदबाज

युवराज ने कहा कि वह घटना किसी भी खिलाड़ी का आत्मविश्वास तोड़ सकती थी, लेकिन Stuart Broad ने उसी दर्द को अपनी ताकत बना लिया। आगे चलकर उन्होंने 600 से ज्यादा टेस्ट विकेट लेकर खुद को दुनिया के महान गेंदबाजों में शामिल किया।

कैंसर से जंग—जब जिंदगी ने लिया सबसे कठिन इम्तिहान

इस कहानी का एक और भावनात्मक पहलू भी है—खुद Yuvraj Singh का संघर्ष। जब उनका करियर शिखर पर था, तभी उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा। युवराज ने उस दौर को याद करते हुए बताया, ‘डॉक्टर ने कहा था कि ट्यूमर दिल और फेफड़ों के बीच है। अगर इलाज नहीं कराया, तो सिर्फ 3 से 6 महीने का समय है। उस वक्त ऐसा लगा जैसे पहाड़ की चोटी से सीधे खाई में गिर गया हूं।’

छह छक्कों से आगे की कहानी—संघर्ष, समझ और वापसी

जैसे Stuart Broad ने अपने दर्द को ताकत बनाया, वैसे ही Yuvraj Singh ने भी बीमारी से लड़कर शानदार वापसी की। यह कहानी सिर्फ एक ओवर में लगाए गए छह छक्कों की नहीं है, बल्कि यह जज्बे, संघर्ष, भावनाओं और वापसी की मिसाल भी है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.