तेलंगाना के बाद बिहार को पसंद आया यमुना प्राधिकरण का विकास मॉडल, यीडा क्षेत्र का किया गया जमीनी अध्ययन

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ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) का विकास मॉडल अब देश के दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बनता जा रहा है। तेलंगाना के बाद अब बिहार सरकार ने भी यीडा के शहरी और औद्योगिक विकास मॉडल में रुचि दिखाई है। बिहार में प्रस्तावित औद्योगिक शहरी केंद्रों को विकसित करने से पहले बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को यीडा कार्यालय पहुंचकर विकास प्रक्रिया का विस्तार से अध्ययन किया।

बिहार सरकार के अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट के सचिव के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया के साथ बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर विकसित किए जा रहे औद्योगिक शहरों की रूपरेखा, नियोजन प्रक्रिया और क्रियान्वयन से जुड़ी बारीक जानकारियां दी गईं।

प्रस्तुतिकरण के जरिए समझाया गया विकास का पूरा ढांचा
यीडा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने प्रतिनिधिमंडल को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि किसी औद्योगिक शहर के विकास के लिए सबसे पहले राज्य सरकार क्षेत्र को अधिसूचित करती है। इसके बाद लैंड यूज के अनुसार मास्टर प्लान तैयार किया जाता है और चरणबद्ध तरीके से शहरी संरचनात्मक ढांचा विकसित किया जाता है। इसी आधार पर विभिन्न योजनाओं के तहत औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों का आवंटन किया जाता है।

भूमि अधिग्रहण से एयरपोर्ट तक की जानकारी
बैठक के दौरान यीडा की नीतियों, विभागों के बीच समन्वय, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, शहरी ढांचे के विकास, औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना से जुड़ी पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी साझा की गई। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने बिल्डरों के नियमन, अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग, आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों से संबंधित नियमों पर भी विस्तृत चर्चा की।

यीडा सेक्टरों का किया फील्ड विजिट
बैठक के बाद बिहार सरकार के अधिकारियों ने यीडा क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने औद्योगिक सेक्टरों, आवासीय क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे के निर्माण को करीब से देखा और इसे संभावित मॉडल के रूप में अपनाने की संभावना पर विचार किया।

पहले भी तेलंगाना कर चुका है अध्ययन
गौरतलब है कि इससे पहले तेलंगाना सरकार के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी यीडा के विकास मॉडल का अध्ययन कर चुका है। यीडा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार बिहार सरकार के अधिकारियों का उद्देश्य यीडा क्षेत्र में अपनाई जा रही शहरी विकास की नीतियों और प्रक्रियाओं को समझना है, ताकि बिहार में प्रस्तावित नए शहरी और औद्योगिक केंद्रों को उसी तर्ज पर विकसित किया जा सके।

 

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