पहलगाम : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इस हमले में 22 अप्रैल को 26 निर्दोष लोगों की जान गई, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। घाटी में ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और आतंकियों के ठिकानों को एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों के घरों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत पुलवामा जिले के मुर्रान निवासी लश्कर आतंकी एहसान अहमद शेख के दो मंजिला मकान को IED लगाकर उड़ा दिया गया। जानकारी के अनुसार, एहसान जून 2023 से लश्कर का सक्रिय सदस्य था और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है।
वहीं दूसरी ओर, शोपियां जिले के छोटीपोरा इलाके में रहने वाले आतंकी शाहिद अहमद के घर को भी सुरक्षा बलों ने जमींदोज कर दिया। अब तक इस अभियान में कुल पांच आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा चुका है, जिससे घाटी में आतंकी नेटवर्क को करारा झटका लगा है।
सेना प्रमुख का श्रीनगर दौरा, सुरक्षा स्थिति का लिया जायजा
पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 25 अप्रैल को पहली बार कश्मीर पहुंचे। उन्होंने श्रीनगर में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और सेना के अफसरों से आतंकियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। सेना प्रमुख को एलओसी पर पाकिस्तानी सेना की ओर से हो रही सीजफायर उल्लंघन की कोशिशों के बारे में भी जानकारी दी गई।
कश्मीर में एक्शन मोड में सुरक्षा बल
सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस अब पूरे एक्शन मोड में है। कुलगाम जिले के थोकर्पोरा काइमोह इलाके में दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और जिं दा कारतूस बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों स्थानीय युवकों को आतंकी संगठनों में शामिल करने में सक्रिय थे।
केंद्र सरकार का सख्त संदेश
भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि अब आतंक के खिलाफ कार्रवाई सख्ती से और बिना किसी रुकावट के की जाएगी। पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है और सरकार इसे एक चेतावनी मानते हुए ‘ऑपरेशन क्लीन’ की रणनीत पर काम कर रही है।