भारत की टेक कंपनियां Erinox AI और KOGO ने मिलकर पेश किया है नया सिस्टम ‘AI in a Box’, जो इंटरनेट कनेक्शन के बिना ऑफिस में AI की पूरी शक्ति उपलब्ध कराएगा। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। अब तक कंपनियां ChatGPT, Gemini जैसे क्लाउड-आधारित AI टूल्स का इस्तेमाल करती थीं, जिनमें डेटा इंटरनेट के जरिए बाहरी सर्वर पर जाता था। इसके कारण गोपनीय जानकारी लीक होने का खतरा हमेशा बना रहता था। ‘AI in a Box’ इस समस्या का समाधान पेश करता है।
बिना इंटरनेट कैसे काम करता है?
इस AI बॉक्स में शक्तिशाली चिप्स लगे हैं, जिनमें AI का पूरा मॉडल और डेटा स्टोर रहता है। सारी प्रोसेसिंग लोकल स्तर पर होती है, यानी डेटा ऑफिस के बाहर कभी नहीं जाता। यूजर्स इससे उसी तरह बातचीत कर सकते हैं जैसे किसी बड़े AI चैटबॉट से करते हैं, लेकिन सुरक्षा और गोपनीयता पूरी तरह सुनिश्चित रहती है।
क्यों जरूरी है यह तकनीक?
आज कंपनियां AI का इस्तेमाल ग्राहक डेटा, बैंक रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट जैसी संवेदनशील जानकारियों के लिए कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 88% कंपनियां बाहरी AI सिस्टम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि 95% AI प्रोजेक्ट्स प्राइवेसी कारणों से पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। ऐसे में यह नया सिस्टम उन संस्थानों के लिए राहत बन सकता है, जहां डेटा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बॉक्स के अंदर क्या है खास?
इस प्राइवेट AI बॉक्स में चार प्रमुख हिस्से शामिल हैं, जो इसे पूरी तरह सुरक्षित और तेज बनाते हैं। यह इंसानों की तरह बातचीत कर सकता है, एजेंटिक AI के रूप में कार्य कर सकता है और बिना इंटरनेट के डेटा स्टोर व प्रोसेस कर सकता है।
कहां होगा इस्तेमाल?
- बैंकिंग सेक्टर
- सरकारी विभाग
- सेना और रक्षा संस्थान
- बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां
फायदे क्या हैं?
- डेटा पूरी तरह सुरक्षित
- इंटरनेट और क्लाउड खर्च में कमी
- तेज प्रोसेसिंग
- गोपनीय जानकारी पर पूर्ण नियंत्रण
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक उन संस्थानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है, जो AI की ताकत चाहते हैं लेकिन डेटा सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहते।