AI Summit 2026: पीएम मोदी के साथ मैक्रों ने साझा की एआई-जनरेटेड फोटो, भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी का प्रतीक

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नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक एआई-जनरेटेड तस्वीर साझा की, जिसमें वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिल का प्रतीक (हार्ट जेस्चर) बनाते दिख रहे हैं। यह पोस्ट इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मद्देनजर साझा की गई है और दोनों देशों के बीच बढ़ती तकनीकी साझेदारी और नवाचार को रेखांकित करती है।

तस्वीर में दोनों नेता कंप्यूटर और तकनीकी उपकरणों से घिरे हुए हैं, जबकि सामने भारत और फ्रांस के राष्ट्रीय ध्वज वाले मग रखे गए हैं। तस्वीर पर “Yes, this is AI” लिखा है, जो एआई की शक्ति और क्रिएटिविटी को मजाकिया अंदाज में उजागर करता है। मैक्रों ने कैप्शन में लिखा, “जब दोस्त आपस में जुड़ते हैं, नवाचार अपने आप पनपता है। एआई इम्पैक्ट समिट के लिए तैयार हो जाइए।”

मैक्रों की भारत यात्रा और द्विपक्षीय वार्ता

मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। उनकी यात्रा की शुरुआत मुंबई से हुई, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026 का उद्घाटन किया और निवेशकों से मुलाकात की। नई दिल्ली में वे भारतीय सिनेमा जगत से भी मिले और दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष और वैश्विक स्थिरता का आधार बताया। मैक्रों ने नवाचार मंच पर कहा, “सवाल अब यह नहीं है कि भारत नवाचार करता है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि भारत के साथ नवाचार कौन करेगा। फ्रांस इसका स्पष्ट जवाब है। हम यहां हैं और कहीं नहीं जा रहे। जय हो! भारत-फ्रांस संबंध अमर रहें।”

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का महत्व

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक चल रहा समिट वैश्विक एआई कैलेंडर का प्रमुख आयोजन बन गया है। इसमें 100 से अधिक देशों के नेता, टेक सीईओ (ओपनएआई, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट), नीति निर्माता और शोधकर्ता शामिल हैं। समिट तीन मुख्य थीम्स – People, Planet और Progress – पर केंद्रित है, जिसमें 500+ सत्र, पैनल और मास्टरक्लास आयोजित किए जा रहे हैं।

मैक्रों गुरुवार को समिट के उद्घाटन सत्र में भाग लेंगे, जहां लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहेंगे। यह भारत में उनकी चौथी यात्रा है और दोनों देशों के बीच एआई, रक्षा, क्लीन एनर्जी, स्पेस और उभरती तकनीकों में सहयोग को मजबूत करने का अवसर है।

शिक्षा और स्वास्थ्य में सहयोग

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली में मैक्रों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ‘इंडो-फ्रेंच कैंपस ऑन एआई इन ग्लोबल हेल्थ’ का शुभारंभ किया। यह पहल भारत-फ्रांस सहयोग के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के सुरक्षित, नैतिक और प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मैक्रों ने 2030 तक प्रति वर्ष 30 हजार भारतीय छात्रों को फ्रांस में शिक्षा देने का लक्ष्य भी घोषित किया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस भरोसेमंद एआई प्रणालियों के निर्माण के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग क्षमता और प्रतिभा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि केवल विदेशी तकनीक पर निर्भर न रहना पड़े।

 

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