AI से बदलेगा देश का राशन सिस्टम: 80 करोड़ लोगों को मिलेगा पूरा हक, कम तौल और देरी पर सख्त लगाम

0 23

देश के करीब 80 करोड़ लोगों को मिलने वाला राशन अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की निगरानी में होगा। सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। लक्ष्य साफ है—हर पात्र परिवार को तय मात्रा में, अच्छी गुणवत्ता का अनाज समय पर उपलब्ध कराना।

नई व्यवस्था के तहत अनाज की खरीद से लेकर भंडारण, ढुलाई और राशन दुकानों तक पूरे सप्लाई चेन को डिजिटल निगरानी से जोड़ा जाएगा। हर चरण की जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी, जिससे कम तौल, देरी और बहानेबाजी जैसी शिकायतों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ने से जिम्मेदारी तय करना भी आसान होगा।

इस तकनीकी पहल का प्रदर्शन भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में किया गया है। यह समिट 17 से 19 फरवरी तक आम लोगों के लिए खुला है, जहां नई डिजिटल राशन व्यवस्था की कार्यप्रणाली दिखाई गई।

‘स्मार्ट PDS’ से जुड़ेगा पूरा राशन नेटवर्क

सरकार ने राशन प्रणाली को ‘स्मार्ट पीडीएस’ नाम के एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ दिया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए राशन कार्ड का विवरण, अनाज का आवंटन, गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, राज्यों को भेजी गई खेप और दुकान स्तर पर वितरण तक की जानकारी एआई के माध्यम से मॉनिटर की जाएगी। इससे तुरंत पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में कितनी जरूरत है और कहां आपूर्ति में कमी है।

‘अन्न चक्र’ से सुधरेगी ढुलाई व्यवस्था

अनाज की ढुलाई को और अधिक कुशल बनाने के लिए ‘अन्न चक्र’ प्रणाली लागू की जाएगी। यह उपलब्ध भंडार, मांग और परिवहन मार्गों का विश्लेषण कर तय करेगी कि अनाज किस रास्ते से भेजा जाए। इससे समय और लागत दोनों में कमी आएगी और वितरण प्रक्रिया तेज होगी।

‘अन्नपूर्णा अनाज मशीन’ से खत्म होगी कम तौल की शिकायत

लाभार्थियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव ‘अन्नपूर्णा अनाज मशीन’ के रूप में सामने आएगा। यह स्वचालित मशीन लाभार्थी की पहचान सत्यापित करने के बाद निर्धारित मात्रा में अनाज स्वतः वितरित करेगी। इससे कम तौल या मनमानी की शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लगने की उम्मीद है।

गुणवत्ता जांच और शिकायत निवारण भी होगा डिजिटल

अनाज की गुणवत्ता जांच के लिए स्वचालित मशीनें लगाई जाएंगी, जो कुछ ही मिनटों में दानों की गुणवत्ता और नमी की जांच कर सकेंगी। इससे किसानों को सही भुगतान सुनिश्चित होगा और खराब अनाज गोदामों तक पहुंचने से पहले ही चिन्हित किया जा सकेगा।

शिकायत दर्ज कराने के लिए ‘आशा’ नाम का बहुभाषी मंच तैयार किया गया है। वहीं, स्कैन प्रणाली के जरिए सब्सिडी दावों की जांच तेज होगी, जिससे भुगतान में देरी की समस्या कम होगी।

सरकार का कहना है कि यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि राशन व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और आम आदमी के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा सुधार है। इस पहल में World Food Programme का सहयोग भी लिया जा रहा है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.