उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार के फैसले पर तीखा तंज कसते हुए इसे चुनावी दबाव का नतीजा बताया है। उन्होंने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र जारी किया, जिसमें सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के साथ अपनी सरकार के समय की तुलना भी की।
मानदेय बढ़ोतरी पर उठाए सवाल
हाल ही में योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह करने का ऐलान किया है, जिसे अप्रैल से लागू किया जाएगा। इस फैसले को लेकर जहां कुछ वर्गों में राहत की भावना है, वहीं विपक्ष ने इसे अपर्याप्त बताते हुए निशाना साधा है।
‘हमारे समय में ज्यादा मिलता था’
अखिलेश यादव ने अपने पत्र में लिखा कि उनके कार्यकाल में शिक्षामित्रों को 40,000 रुपये तक मानदेय मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 साल तक की उपेक्षा और दबाव के बाद भाजपा सरकार ने अब डर के कारण महज 18,000 रुपये तक बढ़ोतरी की है और इसे भी उपलब्धि की तरह पेश किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पिछले वर्षों का बकाया भुगतान करने की मांग भी उठाई।
‘हर विधानसभा में 22 हजार वोट घटेंगे’
सपा अध्यक्ष ने सियासी संदेश देते हुए कहा कि शिक्षामित्र भाजपा के खिलाफ बड़ा असर डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा में 22,000 वोट कम करके शिक्षामित्र भाजपा का ‘SIR’ कर देंगे, जहां ‘S’ का मतलब शिक्षामित्र है। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए चुनावी नतीजे गंभीर हो सकते हैं।
सरकार की नीतियों पर गंभीर आरोप
अपने पत्र में अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के चलते कई शिक्षामित्रों को मानसिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, यहां तक कि कुछ मामलों में जान गंवाने की घटनाएं भी सामने आईं। उन्होंने भविष्य में सपा सरकार बनने पर शिक्षामित्रों के मानदेय, सम्मान और सुविधाओं में बढ़ोतरी का भरोसा दिलाया।
कैबिनेट ने दी बढ़ोतरी को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद राज्य कैबिनेट ने हाल ही में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र और लगभग 25 हजार अनुदेशक सीधे लाभान्वित होंगे।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
मानदेय बढ़ोतरी के इस फैसले से राज्य सरकार पर 1475.27 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त भार आएगा। नई दरें अप्रैल से लागू होंगी और वर्ष में 11 माह के लिए देय रहेंगी।