नई दिल्ली/लखनऊ: मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के माहौल में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गैस संकट की संभावना पहले ही जताई थी, लेकिन लोगों ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे ही उन्हें संभावित दिक्कत का अंदेशा हुआ, उन्होंने लोगों को सलाह दी थी कि कंडे, लकड़ी और अंगीठी का इंतजाम कर लें। उनका कहना था कि अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि पारंपरिक तरीकों से खाना बनाने की जरूरत पड़ सकती है।
घर में मिट्टी के चूल्हे तक मंगवाने की बात
सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने खुद अपने घर में मिट्टी के चूल्हे मंगवा लिए हैं। उनका कहना था कि गैस की समस्या सभी को प्रभावित कर सकती है और अगर यह स्थिति कुछ दिनों या महीनों तक बनी रहती है, तो लोगों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ेगा।
हर वर्ग पर पड़ेगा असर
अखिलेश यादव ने कहा कि इस संकट का असर समाज के हर वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने खास तौर पर छात्रों, गरीबों और रोजाना कमाकर खाने वाले लोगों का जिक्र किया। उनके अनुसार, छोटे कारोबार करने वाले—जैसे चाट, मोमोज, मैगी या नूडल्स बेचने वाले—सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि उनका पूरा काम गैस पर निर्भर करता है।
रोजगार पर संकट की आशंका
उन्होंने कहा कि अगर गैस की दिक्कत लंबी चली, तो छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में उनके लिए काम जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।
तंज भरे अंदाज में कही ये बात
अखिलेश यादव ने स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, “एक कचौड़ी, एक समोसा…अब गैस पर नहीं भरोसा।” उनके इस बयान को मौजूदा हालात पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
ब्लैक मार्केटिंग का भी उठाया मुद्दा
सपा प्रमुख ने एलपीजी सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठाकर सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इसी क्रम में एक नेता के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि संबंधित गैस एजेंसी उनकी पत्नी के नाम पर है।