ईरान वार्ता के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, चीन समेत कई देशों पर साधा निशाना, होर्मुज को लेकर छेड़ी नई बहस
वैश्विक कूटनीति के संवेदनशील दौर में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने तीखे बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। ऐसे समय में जब ईरान से बातचीत जारी है, ट्रंप ने चीन समेत कई प्रमुख देशों को लेकर सख्त टिप्पणी कर दी, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक जिम्मेदारियों पर नई बहस शुरू हो गई है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है और ईरान के साथ शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं।
चीन, जापान और फ्रांस पर ट्रंप का सीधा हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए चीन, जापान, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और जर्मनी जैसे देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का काम कर रहा है।
ट्रंप के मुताबिक, यह हैरानी की बात है कि इतने बड़े देश खुद इस जिम्मेदारी को निभाने की इच्छाशक्ति या साहस नहीं दिखा रहे हैं।
‘जिम्मेदारियों से बच रहे हैं बड़े देश’
ट्रंप ने अपने बयान में आगे कहा कि कई देशों की अर्थव्यवस्था तेल आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों से पीछे हट रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई देशों के तेल टैंकर खाली होकर अमेरिका की ओर आ रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक ऊर्जा समीकरण में अमेरिका की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है, जो वैश्विक बाजार के लिए बेहद अहम है।
ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
ईरान वार्ता के बीच बयान के मायने
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान के साथ बातचीत जारी है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयास हो रहे हैं।
ऐसे में उनका यह रुख न केवल चीन बल्कि अन्य सहयोगी देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों पर भी असर डाल सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।