अमृत भारत स्टेशन योजना: ओडिशा के 57 रेलवे स्टेशनों का मेगा मेकओवर, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी हाईटेक सुविधाएं

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अनुगुल से बड़ी खबर है जहां ओडिशा के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक रूप देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संसद में केंद्रीय रेल मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 57 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य प्रगति पर है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वस्तरीय अनुभव देने की तैयारी की जा रही है।

बालेश्वर के सांसद प्रताप सडंगी ने अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालेश्वर रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों के पुनर्विकास को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि बालेश्वर स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और निर्धारित योजना के अनुसार काम जारी है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि स्टेशनों की डिजाइन प्रक्रिया परामर्श आधारित रखी गई है। इसमें संबंधित सांसदों के सुझावों के साथ-साथ स्थानीय जनता की राय को भी शामिल किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि स्टेशन केवल आधुनिक ही न बनें, बल्कि स्थानीय संस्कृति, कला और पहचान को भी प्रतिबिंबित करें।

मंत्री के अनुसार, देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1275 स्टेशनों को चिन्हित किया गया है, जिनमें ओडिशा के 57 स्टेशन शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 1300 से अधिक स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य विभिन्न चरणों में चल रहा है।

ओडिशा के ये 57 स्टेशन होंगे विकसित

अनुगुल, बादामपहाड़, बलांगीर, बालेश्वर, बालूगांव, बड़बिल, बरगढ़ रोड, बारीपदा, बरपाली, बेलपहाड़, बेतनोटी, भद्रक, भवानीपाटना, भुवनेश्वर, बिमलागढ़, बरहमपुर, ब्रजराजनगर, छत्रपुर, कटक, दमनजोड़ी, ढेंकानाल, गुनुपुर, हरिशंकर रोड, हीराकुंड, जाजपुर-केंदुझर रोड, जलेश्वर, जरोली, जेपोर, झारसुगुड़ा, झारसुगुड़ा रोड, कांटाबांजी, केंदुझरगढ़, केसिंगा, खरियार रोड, खुर्दा रोड, कोरापुट, लिंगराज मंदिर रोड, मंचेश्वर, मेरामंडली, मुनिगुड़ा, न्यू भुवनेश्वर, पानपोश, पारादीप, परलाखेमुंडी, पुरी, रघुनाथपुर, रेढ़ाखोल, रायरंगपुर, राजगंगपुर, रायगढ़ा, राउरकेला, साक्षी गोपाल, संबलपुर, संबलपुर सिटी, तालचेर, तालचेर रोड और टिटलागढ़ जंक्शन।

स्टेशनों पर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

पुनर्विकास के तहत आकर्षक और विस्तारित स्टेशन भवन तैयार किए जाएंगे। आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था होगी। स्वच्छ और उन्नत शौचालय बनाए जाएंगे। दिव्यांगजनों के लिए रैंप, लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। उन्नत डिजिटल सूचना प्रणाली और मुफ्त वाई-फाई उपलब्ध कराया जाएगा। बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी आधारित सुरक्षा प्रणाली से स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित होंगे। सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग का विकास किया जाएगा। स्टेशन की डिजाइन में स्थानीय कला और संस्कृति को शामिल किया जाएगा। साथ ही बस, ऑटो और टैक्सी सेवाओं से सुगम मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।

स्टेशन नहीं, शहरों के नए लैंडमार्क बनेंगे

रेल मंत्रालय के मुताबिक यह योजना केवल स्टेशन सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे शहरों के समग्र विकास से जोड़ा गया है। पुनर्विकसित स्टेशन शहरों के नए लैंडमार्क के रूप में उभरेंगे, जिससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। ओडिशा के 57 स्टेशनों पर काम जारी है और बालेश्वर स्टेशन का पुनर्विकास विशेष रूप से तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ओडिशा के प्रमुख और क्षेत्रीय दोनों प्रकार के स्टेशनों को नई पहचान मिलने जा रही है। आने वाले समय में यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आधुनिक रेलवे अनुभव मिलने की उम्मीद है।

 

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