गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र, स्मार्ट मोबाइल फोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य पोषण अभियान को गति देना और जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
लखनऊ से हुआ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण
राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद गौतमबुद्धनगर के विकास भवन सभागार में भी देखा गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना, जिसमें उन्होंने कार्यकत्रियों की भूमिका को अहम बताते हुए उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया।

गौतमबुद्धनगर में गरिमामय आयोजन
जनपद में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी समेत विभाग के अन्य अधिकारी, मुख्य सेविकाएं और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्मार्ट उपकरणों का वितरण, कार्यप्रणाली होगी मजबूत
कार्यक्रम के दौरान विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से कुल 95 स्मार्ट मोबाइल फोन, 633 स्टेडियोमीटर और 55 इन्फैंटोमीटर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वितरित किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर की सटीक निगरानी संभव हो सकेगी और डेटा प्रबंधन में भी सुधार आएगा।

कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी पर दिया गया जोर
समापन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यकत्रियों को अपने दायित्वों का निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग से विभागीय कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों आएंगी, जिससे मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।
मनोबल बढ़ाने के साथ योजनाओं को मिलेगा बल
यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में सामने आया है। इससे जमीनी स्तर पर सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।