अन्ना हजारे के दस्तावेज को संग्रहालय में संरक्षित किया जाएगा, टीम पैतृक गांव पहुंची

0 243

नई दिल्ली : नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) में कार्यकर्ता अन्ना हजारे (Anna Hajare) से जुडें पत्रों और दस्तावेजों (Letters and Documents) को संरक्षित किया जाएगा। उनके करीबी सहयोगी ने बताया कि सामाजिक सुधारों, ग्रामीण विकास और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों, जिनमें 2011 का लोकपाल आंदोलन (Lokpal Movement) भी शामिल है। इसमें हजारे की योगदान को मान्यता देते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

हजारे के सहयोगी दत्ता अवारी ने बुधवार को दावा किया कि नीरज कुमार और जितुमणि शर्मा के नेतृत्व में पीएमएमएल की एक टीम उनकी पैतृक गांव महाराष्ट्र के रालेगन सिद्धि में प्रक्रिया शुरू करने के लिए पहुंची। जिन दस्तावेजों को संग्रहित किया जाना है उनमें हजारे के सामाजिक कार्यों, नई दिल्ली में हुए ऐतिहासिक 2011 के लोकपाल आंदोलन, ग्राम विकास पहलों, जल संरक्षण प्रयासों और भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों से संबंधित सामग्री शामिल है। उन्होंने बताया कि इन्हें ऐतिहासिक और अकादमिक शोध के लिए पीएमएमएल अभिलेखागार में संरक्षित किया जाएगा।

अन्ना हजारे सेना से कार्यकर्ता बने। 80 वर्ष से अधिक आयु के इस शख्स ने वर्षों से ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और है। उन्हें भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। पीएमएमएल अधिकारियों के हवाले से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि लोकपाल आंदोलन के नेतृत्व और ग्रामीण विकास तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उनके लंबे समय के कार्यों को देखते हुए हजारे के दस्तावेजों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक और ऐतिहासिक महत्व होने की उम्मीद है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.