नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि चुनाव तारीखों और चरणों की घोषणा निष्पक्ष नहीं है। उनका आरोप है कि चुनाव की तारीखें और चरण सत्तारूढ़ दल की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किए जा रहे हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा नहीं दिख रहा है। उनके अनुसार चुनावी तारीखों और चरणों का निर्धारण इस तरह किया गया है जिससे भारतीय जनता पार्टी को फायदा हो सके।
केरल चुनाव को लेकर कांग्रेस की बड़ी चुनौती
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि केरल का चुनाव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि पिछली बार वाम मोर्चा सरकार सत्ता में वापस आई थी, जबकि लंबे समय से राज्य में सत्ता दो प्रमुख गठबंधनों के बीच बदलती रही है। थरूर ने कहा कि कांग्रेस इस बार सरकार बदलने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उम्मीदवारों की घोषणा जल्द की जाएगी, हालांकि अंतिम दो हफ्तों में उनका प्रचार अभियान सीमित हो सकता है।
एलडीएफ सरकार पर लगाए कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ सरकार ने प्रशासनिक कुप्रबंधन किया है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। उनके अनुसार कांग्रेस संगठनात्मक रूप से इस चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अधिकारी राज्य सरकारों से जुड़े होते हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। वहीं सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि आयोग कई बार ऐसे फैसले लेता है जो भारतीय जनता पार्टी के लिए सुविधाजनक होते हैं।
सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे तो कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा।