शिमला/मनाली। हिमाचल प्रदेश में मौसम साफ होते ही जनजीवन और यातायात धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। धूप निकलने के बाद राहत और बहाली कार्यों में तेजी आई है। अटल टनल रोहतांग को पर्यटकों के लिए बहाल कर दिया गया है, जिससे अब पर्यटक लाहुल-स्पीति, अटल टनल और सोलंगनाला तक आवाजाही कर सकेंगे। सोलंगनाला से आगे पर्यटकों को केवल फोर बाय फोर वाहनों से जाने की अनुमति दी गई है।
शिंकुला मार्ग खुला, लेह से मनाली पहुंचे पांच वाहन
लंबे समय बाद शिंकुला दर्रा भी बहाल कर दिया गया है। गुरुवार को लेह से जंस्कार होते हुए पांच वाहन सुरक्षित रूप से मनाली पहुंचे। दो दिनों से प्रदेश में तेज धूप खिली हुई है, हालांकि सुबह और शाम के समय ठंड का असर बना हुआ है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
कुकुमसेरी में माइनस 14.9 डिग्री, सीजन का सबसे कम तापमान
प्रदेश के 14 प्रमुख स्थानों पर न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। सबसे ठंडा स्थान कुकुमसेरी रहा, जहां तापमान 2.7 डिग्री की गिरावट के साथ माइनस 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सर्दी का अब तक का सबसे कम तापमान है। गुरुवार शाम शिमला समेत कुछ इलाकों में बादल भी छाए रहे।
अधिकतम तापमान में भी उतार-चढ़ाव
प्रदेश में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक का बदलाव दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार ठंड और कोहरे का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
कोहरे की चेतावनी, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार
मौसम विभाग ने छह फरवरी को कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हिमपात होने की संभावना जताई गई है।
नौ फरवरी से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के मुताबिक नौ फरवरी से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर 10 फरवरी तक रहने की संभावना है। इस दौरान ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश व तेज हवाएं चल सकती हैं। गुरुवार को बिलासपुर, सुंदरनगर और मंडी में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जहां बिलासपुर में दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई।
किन्नौर, रामपुर और कुल्लू में महसूस हुए भूकंप के झटके
गुरुवार तड़के किन्नौर, रामपुर और कुल्लू क्षेत्रों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह करीब चार बजे आए इस भूकंप का केंद्र किन्नौर में जमीन से पांच किलोमीटर नीचे था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है, हालांकि झटके महसूस होते ही लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।