Australian Open 2026 Final: एलिना रिबाकिना ने रचा इतिहास, सबालेंका को हराकर पहली बार जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। 31 जनवरी को मेलबर्न के रॉड लेवर एरिना में खेले गए खिताबी मुकाबले में कजाकिस्तान की एलिना रिबाकिना ने वर्ल्ड नंबर-1 एरीना सबालेंका को तीन सेटों में मात देकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मुकाबला 2-1 के अंतर से खत्म हुआ, जिसमें रिबाकिना ने दबाव के पलों में शानदार खेल दिखाते हुए इतिहास रच दिया। इसके साथ ही एलिना रिबाकिना ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने वाली कजाकिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
तीन सेटों में खत्म हुआ खिताबी मुकाबला
महिला एकल फाइनल की शुरुआत से ही मुकाबला रोमांचक रहा। पहले सेट में एलिना रिबाकिना ने आक्रामक खेल दिखाते हुए एरीना सबालेंका को 6-4 से हराकर बढ़त बना ली। फैंस को उम्मीद थी कि वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी जल्द वापसी करेंगी, और दूसरे सेट में सबालेंका ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 6-4 से सेट अपने नाम कर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक सेट में रिबाकिना का दबदबा
तीसरे और निर्णायक सेट में सभी की नजरें सबालेंका की लय पर टिकी थीं, लेकिन वह उसे बरकरार नहीं रख सकीं। रिबाकिना ने मौके का पूरा फायदा उठाया और 6-4 से सेट जीतकर मुकाबला 2-1 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक क्षणों में रिबाकिना की सर्विस और बेसलाइन गेम सबालेंका पर भारी पड़ा।
करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब
एलिना रिबाकिना के करियर का यह दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह साल 2022 में विंबलडन का खिताब जीत चुकी हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 की यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है, जिसने उन्हें महिला टेनिस के शीर्ष खिलाड़ियों की सूची में और मजबूती से स्थापित कर दिया है।
2023 की हार का लिया बदला
गौरतलब है कि एलिना रिबाकिना और एरीना सबालेंका इससे पहले साल 2023 के ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में आमने-सामने आ चुकी थीं, जहां सबालेंका ने जीत दर्ज की थी। इस बार रिबाकिना ने खिताबी मुकाबला जीतकर उस हार का बदला भी पूरा कर लिया।
खास रिकॉर्ड में दर्ज हुआ रिबाकिना का नाम
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के सफर में एलिना रिबाकिना ने टॉप-6 खिलाड़ियों को मात दी। इसके साथ ही वह मारिया शारापोवा के बाद ऐसी दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान यह उपलब्धि हासिल की हो। शारापोवा ने साल 2008 में यह कारनामा किया था।