काशी विश्वनाथ धाम में 14 से 17 फरवरी तक बंद रहेगा बाबा का स्पर्श दर्शन, महाशिवरात्रि पर प्रशासन का बड़ा फैसला

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वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 14 फरवरी से 17 फरवरी तक भगवान श्रीकाशी विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी गई है। इस अवधि में भक्त केवल बाबा के झांकी दर्शन ही कर सकेंगे।

महाशिवरात्रि पर पारंपरिक विधि से होंगी पूजा-अर्चना और आरतियां
मंदिर न्यास की ओर से स्पष्ट किया गया है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान श्रीकाशी विश्वनाथ की सभी पूजा-अर्चना और आरतियां परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न की जाएंगी। दर्शन व्यवस्था में बदलाव केवल श्रद्धालुओं की संख्या और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

भारी भीड़ के चलते स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। न्यास का मानना है कि स्पर्श दर्शन जारी रहने से अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है, इसलिए चार दिनों तक केवल झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू रहेगी।

धाम परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं पर सख्ती
महाशिवरात्रि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में कई वस्तुओं को प्रतिबंधित किया गया है। श्रद्धालु धाम के अंदर पेन, मोबाइल फोन, बैग, डिजिटल या स्मार्ट घड़ी, तंबाकू, पॉलीथीन, प्लास्टिक की पानी की बोतल सहित अन्य निषिद्ध वस्तुएं नहीं ले जा सकेंगे। प्रतिबंधित सामान के साथ प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से किया सहयोग का आग्रह
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सभी भक्तों के सहयोग से ही इस महापर्व को श्रद्धा, शांति और अनुशासन के साथ संपन्न कराया जा सकता है।

 

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