नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। युवा नेतृत्व के उदय के बीच 35 वर्षीय बालेन शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। दोपहर 12:34 बजे हुए शपथ ग्रहण के साथ ही वह देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन गए हैं। खास बात यह भी है कि वह मधेस प्रांत से नेपाल का नेतृत्व करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने हैं।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। शपथ ग्रहण समारोह शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुआ, जो अपनी अनूठी परंपराओं के कारण चर्चा में रहा।
हिंदू-बौद्ध परंपराओं का अनोखा संगम
शपथ समारोह में धार्मिक और सांस्कृतिक समावेश की झलक देखने को मिली। सात ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद किया गया, जबकि 108 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। वहीं 107 बौद्ध लामाओं ने धर्मग्रंथों का पाठ किया। इस तरह समारोह में नेपाल की विविध परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिला।
रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर
बालेन शाह की कहानी बेहद दिलचस्प रही है। कुछ साल पहले तक वे एक रैपर के रूप में पहचाने जाते थे। इसके बाद उन्होंने काठमांडू के मेयर के तौर पर काम किया और अपनी कार्यशैली से लोकप्रियता हासिल की। इसी लोकप्रियता के दम पर उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया।
14 सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन
नई सरकार के गठन के साथ ही 14 मंत्रियों की मंत्रिपरिषद भी बनाई गई है। इसमें वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ महिला प्रतिनिधित्व को भी अहम जगह दी गई है।
अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय
सरकार में स्वर्णिम वाग्ले को वित्त मंत्रालय और सुधन गुरुङ को गृह मंत्रालय सौंपा गया है। विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी शिशिर खनाल को दी गई है। इसके अलावा सुनिल लम्साल को भौतिक पूर्वाधार और शहरी विकास, जबकि विराजभक्त श्रेष्ठ को ऊर्जा, जलस्रोत और सिंचाई मंत्रालय मिला है। संचार मंत्रालय विक्रम तिमिल्सिना और पर्यटन मंत्रालय खड्कराज पौडेल को सौंपा गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में नए चेहरे
सस्मित पोखरेल को शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और युवा मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय निशा मेहता को सौंपा गया है। गीता चौधरी को कृषि और पर्यावरण से जुड़े मंत्रालय दिए गए हैं, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सीता वादी को मिली है।
महिला भागीदारी बनी खास
नई मंत्रिपरिषद में पांच महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो नेपाल की राजनीति में बढ़ती महिला भागीदारी को दर्शाता है।
चीन ने दी बधाई, सहयोग का भरोसा
नेपाल में नई सरकार के गठन पर चीन ने भी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने बालेन शाह को बधाई देते हुए कहा कि वह नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता रहेगा और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
चुनाव में ऐतिहासिक जीत
हाल ही में हुए आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 275 सदस्यीय संसद में 182 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया। यह जीत उस जनभावना को दर्शाती है, जिसमें जनता पारंपरिक राजनीति से बदलाव चाहती थी।
बालेन शाह ने चुनाव में चार बार के प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 सीट से हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। अब नई सरकार से देश की युवा पीढ़ी को काफी उम्मीदें हैं और आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नेपाल किस दिशा में आगे बढ़ता है।