अगर आप सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाले निवेश की तलाश में हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। खासकर 5 साल की अवधि वाली एफडी न सिर्फ गारंटीड रिटर्न देती है, बल्कि टैक्स सेविंग के लिहाज से भी उपयोगी हो सकती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ₹5,00,000 की एफडी पर मैच्योरिटी के समय आपको कितना पैसा मिलेगा।
कितनी मिल रही है ब्याज दर
बैंक ऑफ बड़ौदा वर्तमान में आम ग्राहकों को 3 साल से अधिक और 5 साल तक की एफडी पर 6.30 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को 7 प्रतिशत तक ब्याज का लाभ मिल रहा है। इस एफडी पर ब्याज की गणना तिमाही आधार पर होती है, यानी हर तीन महीने में ब्याज जुड़ता है।
₹5 लाख की एफडी पर कितना मिलेगा रिटर्न
अगर कोई निवेशक 5 साल के लिए ₹5,00,000 की एफडी कराता है और उस पर 6.30 प्रतिशत की दर से तिमाही कंपाउंडिंग लागू होती है, तो मैच्योरिटी पर कुल राशि लगभग ₹6,83,450 बनती है। इसका मतलब है कि निवेशक को करीब ₹1,83,450 का ब्याज मिलेगा।
सीनियर सिटीजन के लिए ज्यादा फायदा
वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से 5 साल में करीब ₹7,03,921 की मैच्योरिटी राशि मिल सकती है। यानी उन्हें कुल ₹2,03,921 का ब्याज प्राप्त होगा।
वहीं सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 7 प्रतिशत ब्याज दर पर मैच्योरिटी राशि लगभग ₹7,07,389 तक पहुंच सकती है, जिसमें कुल ब्याज करीब ₹2,07,389 होता है।
टैक्स नियम समझना भी जरूरी
एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है और इसे आपकी कुल आय में जोड़कर आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों को आयकर कानून के तहत राहत मिलती है। वे जमा पर मिलने वाले ब्याज पर अधिकतम ₹50,000 तक की छूट का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते वे पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनें।
निवेश से पहले रखें ये बात ध्यान में
एफडी निवेश से पहले ब्याज दर, कंपाउंडिंग और टैक्स नियमों को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है। इससे आप अपने निवेश पर मिलने वाले वास्तविक रिटर्न का सही अनुमान लगा सकते हैं और बेहतर वित्तीय योजना बना सकते हैं।