Bharti Airtel का मेगा प्लान: एयरटेल मनी में ₹20,000 करोड़ निवेशकर NBFC सेक्टर में दमदार एंट्री

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देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel ने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में बड़ा दांव खेल दिया है। कंपनी अपनी मूल प्रवर्तक इकाई Bharti Enterprises के साथ मिलकर आने वाले वर्षों में अपनी सहायक कंपनी एयरटेल मनी में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) कारोबार को विस्तार देने के लिए किया जा रहा है।

कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कुल निवेश में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी एयरटेल की होगी, जबकि शेष निवेश प्रवर्तक समूह भारती एंटरप्राइजेज के जरिये किया जाएगा। यह कदम टेलीकॉम से आगे बढ़कर डिजिटल फाइनेंस में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

RBI से मंजूरी के बाद तेज हुई तैयारी

एयरटेल मनी को 13 फरवरी को Reserve Bank of India (RBI) से टाइप-2, नॉन-डिपॉजिट स्वीकार करने वाली NBFC के रूप में पंजीकरण प्रमाण-पत्र मिल चुका है। इसी के बाद कंपनी ने बड़े निवेश की योजना को आगे बढ़ाया है।

एयरटेल अपने 36.9 करोड़ से अधिक मोबाइल ग्राहकों, मजबूत टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, डेटा एनालिटिक्स और उपभोक्ता व्यवहार की समझ का उपयोग कर लेंडिंग बिजनेस को एक विविधतापूर्ण परिसंपत्ति पोर्टफोलियो के रूप में विकसित करेगी।

गोपाल विट्टल बोले – डिजिटल लेंडिंग का भविष्य तैयार

भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा, “एनबीएफसी में हमारा विस्तार हमारी रणनीतिक नींव को और मजबूत करता है। यह एक अलग, भविष्य के लिए तैयार डिजिटल उधारी कारोबार बनाने की हमारी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जो विश्वास, नवाचार और वित्तीय समावेशन पर आधारित होगा।”

कंपनी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उसके लेंडिंग सर्विस प्लेटफॉर्म (LSP) के माध्यम से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है। अब इसे और आगे बढ़ाने की योजना है, जिसके लिए 500 से अधिक डेटा साइंटिस्ट्स द्वारा संचालित बड़े डेटा और एनालिटिक्स इंजन का सहारा लिया जाएगा।

डिजिटल क्रेडिट इंजन पर फोकस

विट्टल के मुताबिक, “पिछले दो वर्षों में एलएसपी की सफलता यह दिखाती है कि टेक्नोलॉजी, डेटा और ग्राहक भरोसे के संयोजन से राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाला जा सकता है। हमने उच्च गुणवत्ता वाली साख के साथ लाखों लोगों तक पहुंचने वाला एक भरोसेमंद और बड़े पैमाने का डिजिटल क्रेडिट इंजन तैयार किया है।”

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि NBFC के तहत होने वाला वितरण LSP प्लेटफॉर्म से निर्बाध रूप से जुड़ा रहेगा, लेकिन दोनों के बीच परिचालनगत स्पष्ट अंतर बनाए रखा जाएगा।

टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत पकड़ के बाद अब एयरटेल का यह कदम NBFC स्पेस में प्रतिस्पर्धा को नई दिशा दे सकता है। डिजिटल लेंडिंग और फिनटेक इकोसिस्टम में कंपनी की एंट्री को बाजार में गेम-चेंजर के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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