कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ लॉन्च, ₹33,660 करोड़ से बनेंगे 100 औद्योगिक पार्क

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देश में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को कैबिनेट ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ को मंजूरी दे दी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए 33,660 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। सरकार का लक्ष्य मजबूत औद्योगिक ढांचा तैयार कर मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक विकास को नई गति देना है।

क्या है BHAVYA योजना

यह योजना नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत किए गए कामों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई है। इसे राज्यों और निजी क्षेत्र की भागीदारी में लागू किया जाएगा। योजना में सिंगल विंडो सिस्टम, आसान मंजूरी प्रक्रिया और निवेशकों के लिए अनुकूल सुधारों पर खास जोर दिया गया है, ताकि निवेश को तेज और भरोसेमंद बनाया जा सके।

कैसी होगी औद्योगिक पार्क की संरचना

BHAVYA योजना के तहत बनने वाले औद्योगिक पार्क 100 से 1000 एकड़ तक के होंगे और देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेंगे। सरकार प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। इन पार्कों में कोर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड सुविधाएं, ड्रेनेज सिस्टम, कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट, आईटी नेटवर्क और प्रशासनिक ढांचा विकसित किया जाएगा।

इसके साथ ही वैल्यू-एडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत तैयार फैक्ट्री शेड, कस्टमाइज्ड यूनिट्स, टेस्टिंग लैब और वेयरहाउसिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। श्रमिकों के लिए आवास और अन्य सामाजिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

कनेक्टिविटी के लिए अतिरिक्त मदद

योजना में बाहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी प्रावधान रखा गया है। परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक वित्तीय सहयोग दिया जाएगा, ताकि ये औद्योगिक पार्क मौजूदा परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से आसानी से जुड़ सकें।

कैसे होगा प्रोजेक्ट का चयन

परियोजनाओं का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिए किया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल उच्च गुणवत्ता वाले, सुधारोन्मुख और निवेश के लिए तैयार प्रस्तावों को ही मंजूरी मिले।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा

इस योजना से मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और विदेशी निवेशकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा श्रमिकों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, सेवा क्षेत्र के कारोबारियों और स्थानीय समुदायों को भी इसका फायदा मिलेगा।

सरकार का मानना है कि इस योजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार में वृद्धि होगी। साथ ही, यह योजना भारत को वैश्विक निवेश का बड़ा केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

 

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