यूपी में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा बढ़ावा: ₹3,706 करोड़ निवेश वाली ‘इंडिया चिप’ परियोजना को मिली नई रफ्तार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से निवेशकों के लिए परियोजनाएं शुरू करना आसान होगा, निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
प्रदेश सरकार पहले ही 3,706 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली इंडिया चिप परियोजना के लिए लेटर ऑफ कंफर्ट जारी कर चुकी है। इस परियोजना के तहत एटीएमपी और ओसैट इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए आसान हुई प्रक्रिया
सेमीकंडक्टर नीति में किए गए संशोधन का उद्देश्य निवेशकों को अधिक अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत परियोजना में सबसे पहले निवेशक अपना निवेश करेगा। इसके बाद राज्य सरकार अपना प्रोत्साहन अंश जारी करेगी और अंत में केंद्र सरकार की सहायता उपलब्ध होगी।
पहले राज्य सरकार का प्रोत्साहन केंद्र सरकार का हिस्सा जारी होने के बाद दिया जाता था, जिससे कई बार परियोजनाओं की गति प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया अधिक सुगम और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरोध पर बदलाव
सरकार के अनुसार यह संशोधन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की सिफारिशों और अनुरोधों के अनुरूप किया गया है। मिशन ने राज्य सरकार से परियोजनाओं में अपना अंश पहले जारी करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद नीति में यह बदलाव किया गया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संशोधन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और केंद्र सरकार से भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता नहीं होगी।
करीब 3,780 लोगों को मिलेगा रोजगार
सरकार का अनुमान है कि इंडिया चिप परियोजना से लगभग 3,780 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही प्रदेश में उच्च तकनीक आधारित उद्योगों का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
राज्य सरकार अब तक इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड और टार्क सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी कर चुकी है। वहीं एडिटेक सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ने से उत्तर प्रदेश देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।