यूपी में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बूस्टर, 2023.50 करोड़ के अनुपूरक बजट से हाईटेक होंगी चिकित्सा सेवाएं, एम्बुलेंस नेटवर्क भी होगा मजबूत

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत, आधुनिक और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में 2023.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, आपातकालीन चिकित्सा परिवहन को सशक्त करने और राज्य में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अस्पतालों में बेहतर इलाज के साथ आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को भी नई मजबूती देना है।

एनएचएम परियोजनाओं को मिला सबसे बड़ा आवंटन

अनुपूरक बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, शहरी अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 96 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था होगी और मजबूत

सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को गोल्डन आवर के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एकीकृत ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क विकसित करने के लिए भी विभिन्न मदों में बजटीय प्रावधान किया है। इसके तहत प्रदेशभर में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

त्रिस्तरीय ट्रामा नेटवर्क का होगा विस्तार

उत्तर प्रदेश ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क के तहत राज्य में लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 की आपातकालीन चिकित्सा इकाइयों के विस्तार के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं पर रहेगा जोर

सरकारी अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों की बेहतरी के लिए राजस्व मद में दो लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, केयर यूपी कार्यक्रम के तहत स्मार्ट आईसीयू नेटवर्क स्थापित करने के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में दो लाख रुपये तथा इसी योजना के राजस्व व्यय के लिए भी दो लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को मिलेगा वित्तीय सहारा

प्रदेश में 108 ईएमटीएस एम्बुलेंस और नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा के संचालन के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा डायल-102 एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए भी 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा परिवहन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

परिवार कल्याण योजनाओं के लिए भी बजट आवंटित

राज्य परिवार कल्याण ब्यूरो के विभिन्न कार्यों के लिए संयुक्त निदेशक प्रशासन को 80 लाख रुपये दिए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारियों के अधीन संचालित राज्य परिवार कल्याण ब्यूरो के लिए 25 लाख रुपये तथा ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित परिवार कल्याण योजना के लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निकायों और स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित नगरीय परिवार कल्याण केंद्रों को सहायता अनुदान के रूप में तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

 

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