LPG नियमों में बड़ा बदलाव: दिल्ली में गोदाम से गैस बिक्री पर रोक, अब इस नए सिस्टम से मिलेगा सिलेंडर

0 20

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की बिक्री व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली सरकार ने घरेलू गैस की सप्लाई को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए गोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस फैसले का मकसद वितरण प्रणाली को बेहतर करना और उपभोक्ताओं तक सही तरीके से गैस पहुंचाना है।

गोदाम से बिक्री अब पूरी तरह अवैध

सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी वितरक द्वारा गोदाम से सीधे सिलेंडर बेचना अब अवैध माना जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम से एलपीजी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।

5 किलो सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ी, आम लोगों को राहत

उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ा दी गई है। ये छोटे सिलेंडर अब गैस एजेंसियों से आसानी से मिल सकेंगे। खास बात यह है कि इन्हें लेने के लिए पते का प्रमाण देना जरूरी नहीं होगा, सिर्फ वैध पहचान पत्र दिखाना पर्याप्त होगा। यह व्यवस्था खास तौर पर छात्रों और प्रवासी मजदूरों के लिए राहत लेकर आई है।

हेल्प डेस्क और आसान पहुंच की व्यवस्था

प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए एचपीसीएल के चुनिंदा आउटलेट्स पर 11 विशेष हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां लोगों को नजदीकी गैस एजेंसी और सिलेंडर उपलब्धता की जानकारी दी जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और नई व्यवस्था पर भरोसा रखें।

रिकॉर्ड बिक्री: 13 दिन में 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बिके

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार 23 मार्च से 4 अप्रैल के बीच सिर्फ 13 दिनों में 5 किलो वाले 6.6 लाख सिलेंडर बेचे गए हैं। अकेले 4 अप्रैल को ही 90,000 से ज्यादा एफटीएल (फ्री-ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की बिक्री दर्ज की गई। ये छोटे सिलेंडर बिना एड्रेस प्रूफ के सिर्फ आईडी दिखाकर खरीदे जा सकते हैं, जिससे इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.