प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बड़ा बदलाव: अब दो किस्तों में मिलेगी ₹5000 की सहायता, सिंगल मदर्स को भी मिलेगा लाभ
गौतमबुद्धनगर: केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती और धात्री महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार पहले तीन किस्तों में मिलने वाली ₹5000 की सहायता राशि अब दो किस्तों में प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए पिता के आधार कार्ड की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इस फैसले के बाद तलाकशुदा और सिंगल मदर महिलाओं के लिए भी योजना का लाभ लेना आसान हो जाएगा।
योजना के तहत पहली संतान तथा दूसरी संतान बालिका होने की स्थिति में आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के पोषण और देखभाल को सुनिश्चित करना तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को दो किस्तों में मिलेगा लाभ
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष कुमार सिंह के अनुसार पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाएं गर्भधारण से 570 दिन के भीतर योजना के तहत पंजीकरण करा सकती हैं। नई व्यवस्था के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को कुल ₹5000 की सहायता राशि दो किस्तों में दी जाएगी। इसमें पहली किस्त ₹3000 और दूसरी किस्त ₹2000 के रूप में लाभार्थी के पंजीकृत बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
दूसरी संतान बालिका होने पर ₹6000 की एकमुश्त सहायता
नई व्यवस्था में दूसरी संतान बालिका होने पर ₹6000 की धनराशि एकमुश्त दी जाएगी। इसके लिए शिशु के जन्म के 270 दिन के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इस प्रावधान का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और परिवारों में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करना है।
योजना पूरी तरह डिजिटल, अब फॉर्म भरने की जरूरत नहीं
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को अब पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। लाभार्थियों को अब किसी प्रकार का फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीधे पोर्टल पर लाभार्थी का विवरण दर्ज कर सकेंगी। महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
इन महिलाओं को मिलेगी योजना की पात्रता
योजना के तहत पहली संतान या दूसरी संतान बालिका होने पर लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाओं के पास निम्न में से किसी एक श्रेणी का प्रमाण होना आवश्यक है। इसमें वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम होने वाली महिलाएं, मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाएं, ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं, आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी महिलाएं, आंशिक या पूर्ण रूप से दिव्यांग महिलाएं, बीपीएल राशन कार्ड धारक महिलाएं, अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाएं, किसान सम्मान निधि कार्ड धारक महिलाएं तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत राशन कार्ड प्राप्त महिलाएं शामिल हैं।
योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए pmmvy.wcd.gov.in पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा योजना से संबंधित जानकारी के लिए वित्तीय एवं साक्षरता विशेषज्ञ के मोबाइल नंबर 8882228683 पर भी संपर्क किया जा सकता है।